CM मोहन यादव बोले- राजा भोज का संबंध उज्जैन से लेकर भोपाल तक, धार की भोजशाला में स्थापित होगी मां वाग्देवी की प्रतिमा


नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि सिंहस्थ 2028 के दौरान श्रद्धालु मोड़े गए पानी या अन्य स्रोतों पर निर्भर रहने के बजाय लगभग छह दशकों में पहली बार सीधे क्षिप्रा नदी में ही पवित्र स्नान कर सकेंगे।

मंगलवार को क्षिप्रा तीर्थ परिक्रमा कार्यक्रम के समापन समारोह को संबोधित करते हुए यादव ने कहा कि क्षिप्रा घाटों के किनारे श्रद्धालुओं के लिए स्नान की व्यवस्था की जाएगी, जिन्हें 30 किलोमीटर से अधिक की लंबाई में बनाया गया है।

श्रद्धालु सिंहस्थ के दौरान क्षिप्रा के जल में स्नान कर सकेंगे

उन्होंने कहा, मां क्षिप्रा से स्वच्छ जल की उपलब्धता इस आयोजन को पवित्र बना देगी। लगभग छह दशकों के बाद श्रद्धालु सिंहस्थ के दौरान क्षिप्रा नदी के जल में स्नान कर सकेंगे। सीएम मोहन यादव ने कहा, 2016 में पिछले सिंहस्थ के दौरान नर्मदा नदी से स्नान की सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद श्रद्धालुओं ने क्षिप्रा के जल में स्नान करने की इच्छा व्यक्त की थी।

सिंहस्थ के लिए कई परियोजनाएं चल रही हैं

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने श्रद्धालुओं की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की हैं। उज्जैन के मूल निवासी यादव ने कहा, बाबा महाकाल और संतों के आशीर्वाद से हम बेहतरीन व्यवस्थाएं सुनिश्चित करके सिंहस्थ 2028 को यादगार बनाएंगे। यह सिंहस्थ नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।

उन्होंने आगे कहा कि सिंहस्थ के लिए कई परियोजनाएं चल रही हैं, जो श्रद्धालुओं के लिए इस आयोजन को और अधिक सुविधाजनक बनाएंगी।

धार स्थित भोजशाल को लेकर भी बोले सीएम

इस अवसर पर यादव ने विकास के साथ-साथ विरासत संरक्षण के कार्यों के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व को भी श्रेय दिया। उन्होंने कहा, हाल के अदालती फैसले भी अनुपालन के मामले में एक स्वर्णिम युग को दर्शाते हैं। देश के नागरिकों ने सभी (अदालती) फैसलों पर भरोसा जताया है और आपसी सहयोग तथा सद्भाव का प्रदर्शन किया है।

यादव धार जिले में स्थित विवादित भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद परिसर के संबंध में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के हालिया फैसले का जिक्र कर रहे थे, जिसमें अदालत ने कहा था कि यह परिसर देवी सरस्वती को समर्पित एक मंदिर है। अदालत ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के दशकों पुराने उस आदेश को भी रद कर दिया था, जिसके तहत मुस्लिम समुदाय को इस स्थल पर शुक्रवार की नमाज अदा करने की अनुमति दी गई थी।

धार की भोजशाला में देवी वाग्देवी की प्रतिमा स्थापित की जाएगी

सीएम यादव ने कहा, राजा भोज का संबंध उज्जैन से लेकर भोपाल तक है। धार की भोजशाला में देवी वाग्देवी की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। अदालत के फैसले के बाद ही इस रास्ते को प्रशस्त किया गया है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन समारोह में वे सभी लोग शामिल हुए, जिन्होंने वर्षों तक इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ी थी। हमारे देश में सद्भाव की एक बेहतरीन परंपरा रही है।

‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ लागू किया है

सीएम यादव ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार ने कुओं, तालाबों, नदियों, झीलों, जलाशयों और अन्य जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन के लिए ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ लागू किया है, जो पिछले तीन महीने से भी अधिक समय से चल रहा है। उन्होंने कहा कि नदी जोड़ो अभियान को लागू करने के मामले में मध्य प्रदेश अग्रणी राज्य बन गया है।



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