उज्जैन में मोक्षदायिनी शिप्रा को 351 फीट लंबी चूनर ओढ़ाकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लिया जल संकल्प


नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। गंगा दशमी महोत्सव के बीच मंगलवार को उज्जैन में आयोजित ‘शिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा’ आस्था, संस्कृति और जनकल्याण का बड़ा मंच बन गई।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रामघाट पहुंचकर पत्नी के साथ मोक्षदायिनी मां शिप्रा का विधि-विधान से पूजन किया और 351 फीट लंबी चुनरी अर्पित कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। सिंहस्थ- 2028 का स्नान शिप्रा नदी में शिप्रा के ही जल से कराने का संकल्प लिया।

भजनों पर झूमे श्रद्धालु

उन्होंने जल संरक्षण, नदी पुनर्जीवन और महिला सशक्तिकरण को लेकर प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं को भी विस्तार से रखा। इस अवसर पर भारतीय नौसेना के बैंड ‘सिम्फनी’ की प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं में देशभक्ति का उत्साह भरा, जबकि प्रसिद्ध गायिका मैथिली ठाकुर के भजनों ने पूरा वातावरण भक्तिमय कर दिया। उनके भजनों पर श्रद्धालु देर रात तक झूमते रहे।

मंच से मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश आज जल संरक्षण एवं संवर्धन के कार्यों में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। “जल गंगा संवर्धन अभियान” के माध्यम से प्रदेश के सभी 55 जिलों में तालाबों, कुओं, बावड़ियों और नदियों के पुनर्जीवन का अभियान चलाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार “जियो और जीने दो” की भावना के साथ कार्य कर रही है, ताकि हर व्यक्ति को सुख, सुरक्षा और सम्मानपूर्ण जीवन मिल सके। उन्होंने कहा कि वर्षों से यह पीड़ा मन में रहती थी कि सिंहस्थ जैसे विश्वस्तरीय आयोजन में शिप्रा नदी में पर्याप्त प्राकृतिक जल उपलब्ध नहीं रहता।

सिंहस्थ-2028 में श्रद्धालु शिप्रा के ही जल से स्नान कर सकेंगे

अब प्रदेश सरकार के प्रयासों से स्थिति बदल रही है और आगामी सिंहस्थ-2028 में श्रद्धालु शिप्रा के ही जल से स्नान कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने नदी जोड़ो अभियान को प्रदेश के लिए ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि जल स्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए व्यापक स्तर पर कार्य हो रहा है। न्यायालयों के सहयोग से भी जल संरचनाओं को पुनर्जीवित करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं।

साइकिलें वितरित कीं

इसके पहले हेलीपेड पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला कर्मयोगियों (एएनएम, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं) को निशुल्क ईलेक्ट्रिक साइकिलें वितरित कीं। उन्होंने महिलाओं को ‘दीदी’ कहकर संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण को केवल नारे तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उन्हें कार्य में सुविधा और आत्मनिर्भरता देने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि एक निजी साइकिल कंपनी ने अपने सीएसआर फंड के माध्यम से ये ई-साइकिलें उपलब्ध कराई हैं। साइकिल पाकर महिला कर्मयोगियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। मालूम हो कि शिप्रा लोक संस्कृति समिति और महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ द्वारा आयोजित ‘शिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा’ सोमवार से प्रारंभ हुई थी। यात्रा में पांच हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। साधु-संतों द्वारा शिप्रा स्नान और घाटों पर हुए धार्मिक अनुष्ठानों को आगामी सिंहस्थ-2028 की सांस्कृतिक एवं व्यवस्थागत तैयारियों के पूर्वाभ्यास के रूप में भी देखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव मंगलवार को उज्जैन आए। उन्होंने ‘शिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा’ में सहभागिता कर रामघाट पर पत्नी संग माेक्षदायिनी मां शिप्रा नदी का पूजन किया। मां शिप्रा को 351 फीट लंबी चुनरी अर्पित कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर भारतीय नौ सेना के बैंड ‘सिम्फनी’ ने दत्त अखाड़ा घाट पर शानदार प्रस्तुति दी। प्रसिद्ध गायिका मैथिली ठाकुर ने भजन प्रस्तुति से श्रद्धालुओं को भाव-विभोर किया।

मालूम हो कि गंगा दशमी महोत्सव अंतर्गत आयोजित शिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा का शुभारंभ एक दिन पहले सोमवार को रामघाट से हुआ था, जिसमें पांच हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने सहभागिता की थी। साधु-संतों ने शिप्रा स्नान किया था। आयोजन को आगामी सिंहस्थ- 2028 के सांस्कृतिक एवं व्यवस्थागत पूर्वाभ्यास के रूप में भी देखा गया था। इसी का एक विराट स्वरूप मंगलवार को भी देखने को मिला।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *