महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर में दिखेगा वैष्णो देवी मॉडल, श्रद्धालुओं की हर गतिविधि होगी ट्रैक


मुख्यमंत्री ने हाल ही में कटरा स्थित वैष्णोदेवी मंदिर के प्रबंधन मॉडल का अध्ययन किया है। इसके आधार पर महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर और भोजशाला में दर्शन, सु …और पढ़ें

Publish Date: Sun, 31 May 2026 11:38:29 AM (IST)Updated Date: Sun, 31 May 2026 11:38:29 AM (IST)

महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर में दिखेगा वैष्णो देवी मॉडल, श्रद्धालुओं की हर गतिविधि होगी ट्रैक
भगवान महाकाल। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. मुख्यमंत्री ने कटरा स्थित वैष्णोदेवी मंदिर के प्रबंधन मॉडल का अध्ययन किया
  2. महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर और भोजशाला में नई तकनीक से व्यवस्था बनाने की तैयारी है
  3. वैष्णो देवी धाम की सबसे बड़ी विशेषता श्रद्धालुओं की डिजिटल ट्रैकिंग और भीड़ प्रबंधन है

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। मध्यप्रदेश सरकार अब महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर मंदिरों की व्यवस्थाओं को देश के सबसे सुव्यवस्थित तीर्थस्थलों में शामिल करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने हाल ही में कटरा स्थित वैष्णोदेवी मंदिर के प्रबंधन मॉडल का अध्ययन किया है। इसके आधार पर महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर और भोजशाला में दर्शन, सुरक्षा, ट्रैफिक तथा डिजिटल प्रबंधन को नई तकनीक से सशक्त बनाने की तैयारी है।

वैष्णो देवी धाम की सबसे बड़ी विशेषता श्रद्धालुओं की डिजिटल ट्रैकिंग और भीड़ प्रबंधन है। वहां प्रत्येक यात्री को आरएफआईडी (रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन) आधारित यात्रा पर्ची जारी की जाती है, जिससे उसकी गतिविधियों और यात्रा की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सकती है। इसी तर्ज पर महाकाल और ओंकारेश्वर में भी डिजिटल निगरानी व्यवस्था विकसित करने पर विचार किया जा रहा है, जिससे भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा को नई मजबूती मिलेगी।

पार्किंग और ट्रैफिक प्रबंधन पर रहेगा फोकस

वर्तमान में महाकाल मंदिर और ओंकारेश्वर में पर्व-त्योहारों के दौरान पार्किंग और ट्रैफिक बड़ी चुनौती बन जाते हैं। वैष्णो देवी मॉडल में वाहनों की पार्किंग, प्रवेश मार्ग और श्रद्धालुओं की आवाजाही को अलग-अलग चरणों में नियंत्रित किया जाता है। इसी तरह की व्यवस्था लागू होने से मंदिर क्षेत्रों में जाम की स्थिति कम होगी और श्रद्धालुओं को सुगम आवागमन मिल सकेगा।

कतार व्यवस्था होगी अधिक व्यवस्थित

महाकाल मंदिर में भस्म आरती के लिए पहले ही आनलाइन बुकिंग अनिवार्य की जा चुकी है, जबकि ओंकारेश्वर में प्रवेश मार्गों का पुनर्गठन किया गया है। अब अगले चरण में कतार प्रबंधन को और अधिक वैज्ञानिक बनाया जा सकता है। वैष्णो देवी की तरह समयबद्ध स्लॉट, डिजिटल सत्यापन और चरणबद्ध प्रवेश व्यवस्था लागू होने से लंबी प्रतीक्षा और अव्यवस्था में कमी आने की उम्मीद है।

सुरक्षा व्यवस्था होगी हाईटेक

वैष्णो देवी में सीसीटीवी नेटवर्क, कंट्रोल रूम और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम के माध्यम से सुरक्षा प्रबंधन किया जाता है। इसी प्रकार महाकाल और ओंकारेश्वर में भी आधुनिक निगरानी तंत्र, एकीकृत कंट्रोल सेंटर और श्रद्धालुओं की गतिविधियों की रियल टाइम मानिटरिंग पर जोर दिया जाएगा। इससे आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी।

डिजिटल मैनेजमेंट बनेगा आधार

सरकार का लक्ष्य दर्शन को पूरी तरह सुविधाजनक और पारदर्शी बनाना है। आनलाइन बुकिंग, डिजिटल प्रवेश, भीड़ का लाइव आंकलन, पार्किंग प्रबंधन और श्रद्धालुओं को मोबाइल आधारित जानकारी उपलब्ध कराने जैसी व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी। इससे दर्शन व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित होगी और श्रद्धालुओं का अनुभव बेहतर बनेगा। कुल मिलाकर, वैष्णो देवी माडल के आधार पर महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर में होने वाले बदलाव केवल दर्शन व्यवस्था तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि पार्किंग, ट्रैफिक, सुरक्षा और डिजिटल प्रबंधन के समन्वित ढांचे के माध्यम से इन तीर्थस्थलों को आधुनिक एवं विश्वस्तरीय स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे।

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