उज्जैन में कंठाल से लेकर गोपाल मंदिर तक महाकाल सवारी मार्ग पर लागू होगा ‘यूनिफॉर्म कलर कोड’


कंठाल से गोपाल मंदिर तक महाकाल सवारी मार्ग का चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण चल रहा है। इस मार्ग को जयपुर की ”पिंक सिटी” और जोधपुर की ”ब्लू सिटी” की तर्ज …और पढ़ें

Publish Date: Sat, 30 May 2026 08:16:50 AM (IST)Updated Date: Sat, 30 May 2026 08:16:50 AM (IST)

उज्जैन में कंठाल से लेकर गोपाल मंदिर तक महाकाल सवारी मार्ग पर लागू होगा 'यूनिफॉर्म कलर कोड'
कंठाल से गोपाल मंदिर मार्ग पर लागू होगा ”यूनिफॉर्म कलर कोड” का क्रियान्वयन करने की अपील करते एमआईसी सदस्य रजत मेहता। (नईदुनिया प्रतिनिधि)

HighLights

  1. भगवान महाकाल की पावन नगरी को विशिष्ट पहचान दिलाने की कवायद
  2. वैश्विक पर्यटन और सांस्कृतिक भव्यता के लिहाज से ”हेरिटेज थीम” पर जमीनी काम शुरू
  3. महापौर मुकेश टटवाल ने शासकीय पत्र जारी कर इस ऐतिहासिक बदलाव की नींव रखी है

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। भगवान महाकाल की पावन नगरी को वैश्विक पर्यटन और सांस्कृतिक भव्यता के लिहाज से एक विशिष्ट पहचान दिलाने के लिए नगर निगम ने ”हेरिटेज थीम” पर जमीनी काम शुरू कर दिया है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बदलते उज्जैन के विजन के अनुरूप, महापौर मुकेश टटवाल ने एक शासकीय पत्र जारी कर इस ऐतिहासिक बदलाव की नींव रखी है। वर्तमान में कंठाल से लेकर गोपाल मंदिर तक महाकाल सवारी मार्ग का चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण कार्य अंतिम चरण में है। इस पूरे मार्ग को जयपुर की ”पिंक सिटी” और जोधपुर की ”ब्लू सिटी” की तर्ज पर एक सुव्यवस्थित और आकर्षक सांस्कृतिक स्वरूप दिया जा रहा है।

नागरिकों और व्यापारियों से भावुक और प्रशासनिक अपील की

महापौर मुकेश टटवाल ने शहर के गौरव को बढ़ाने के लिए नागरिकों और व्यापारियों से एक भावुक और प्रशासनिक अपील की है। कहा है कि मार्ग के सभी मकानों और दुकानों के बाहरी हिस्से को एक तय ”यूनिफॉर्म कलर कोड” (एक जैसे रंग) में रंगा जाए। सभी दुकानों के नाम और साइन बोर्ड्स का साइज, फॉन्ट और रंग एक जैसा (एकरूपता लिए हुए) हो, ताकि सड़कों पर बिखराव और अव्यवस्था न दिखे।

मुहिम को धरातल पर उतारने के लिए नगर निगम ने पूरी ताकत झोंक दी है

यह कार्य केवल निर्माण या विकास नहीं है, बल्कि बाबा महाकाल की सेवा और हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का एक पवित्र प्रयास है। इस मुहिम को सिर्फ कागजों तक सीमित न रखकर धरातल पर उतारने के लिए नगर निगम ने पूरी ताकत झोंक दी है। महापौर परिषद (एमआईसी) के सदस्य खुद मैदान में उतर चुके हैं। योजना के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन के लिए एमआईसी सदस्यों की टीम कंठाल-गोपाल मंदिर मार्ग के प्रत्येक प्रतिष्ठान पर व्यक्तिगत रूप से पहुंच रही है। टीम का यह दौरा किसी प्रशासनिक दबाव के लिए नहीं, बल्कि व्यापारियों को इस जन-आंदोलन का हिस्सा बनाने के उद्देश्य से है।

आत्मीय आग्रह: ”स्वच्छ, सुंदर और एकरूप उज्जैन” का संकल्प

हर दुकान के दरवाजे पर दस्तक देकर परिषद के सदस्य व्यापारियों को महापौर का ”अपील पत्र” सौंप रहे हैं। इस दौरान व्यापारियों से सीधे संवाद कर उन्हें समझाया जा रहा है कि इस एकरूपता से न केवल शहर की सुंदरता बढ़ेगी, बल्कि यहां ”हेरिटेज वॉक” को बढ़ावा मिलेगा। जब देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को पूरे मार्ग पर एक अद्भुत और सुव्यवस्थित आध्यात्मिकता दिखाई देगी, तो इससे स्थानीय व्यापार और पर्यटन को भी भारी लाभ होगा। एमआईसी सदस्यों के इस आत्मीय आग्रह और समझाइश का व्यापारियों पर भी सकारात्मक असर दिख रहा है और वे इस ऐतिहासिक बदलाव में भागीदार बनने के लिए आगे आ रहे हैं।



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