बरसात सिर पर, उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण परियोजनाएं अब भी अधूरी, बढ़ाएंगी परेशानी
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। मानसून की दस्तक में अब कुछ ही दिन शेष हैं, लेकिन शहर की कई महत्वपूर्ण सड़क चौड़ीकरण परियोजनाएं अब भी अधूरी हैं। नगर निगम द्वारा कंठाल चौराहे से छत्री चौक, सांदीपनि चौराहे से उदयन मार्ग, एमआर-4 मार्ग (रणकेश्वर महादेव मंदिर से गाड़ी अड्डा चौराहा) तथा नानाखेड़ा चौराहा से शांति पैलेस तिराहा सहित कई प्रमुख मार्गों के चौड़ीकरण का कार्य किया जा रहा है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य शहर के यातायात दबाव को कम करना और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप सड़क नेटवर्क तैयार करना है, लेकिन वर्तमान स्थिति में अधिकांश कार्य निर्धारित समयसीमा से पीछे दिख रहे हैं।
स्थिति यह है कि जिन मार्गों पर खोदाई, नाली निर्माण और सड़क चौड़ीकरण का काम जारी है, वहां बरसात शुरू होते ही कीचड़, जलभराव और यातायात अवरोध जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। सबसे अधिक परेशानी उन आवासीय क्षेत्रों के रहवासियों को होगी, जो इन मुख्य मार्गों से जुड़े हुए हैं और जिनकी दैनिक आवाजाही इन्हीं रास्तों पर निर्भर है।
नगर निगम और जिला प्रशासन ने वर्षाकाल से पहले प्रमुख कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य तय किया था। मुख्यमंत्री से लेकर अपर मुख्य सचिव, संभागायुक्त, कलेक्टर और महापौर तक कई बार समीक्षा बैठकों में निर्माण एजेंसियों को गति बढ़ाने के निर्देश दिए थे। कुछ मामलों में काम की धीमी प्रगति पर ठेकेदारों पर पांच लाख रुपये तक की पेनल्टी भी लगाई गई, लेकिन इसका अपेक्षित असर दिखाई नहीं दिया।
कोयला फाटक से कंठाल चौराहे तक मार्ग चौड़ीकरण कार्य को 30 मई तक पूरा करने की समयसीमा तय की गई थी। हालांकि निर्धारित तिथि बीतने के बाद भी काम पूरा नहीं हो सका है। इसी तरह अन्य परियोजनाओं में भी निर्माण की रफ्तार लक्ष्य के अनुरूप नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बरसात के दौरान अधूरे हिस्सों में पानी भरता है तो निर्माण कार्य की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। इससे न केवल परियोजनाओं की अवधि और बढ़ेगी बल्कि लागत में भी वृद्धि की संभावना रहेगी। दूसरी ओर शहरवासियों को लंबे समय तक धूल, जाम, खराब सड़कों और वैकल्पिक मार्गों की परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
क्या था लक्ष्य, क्या है स्थिति
- बरसात से पहले प्रमुख सड़क चौड़ीकरण कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य।
- 30 मई तक कोयला फाटक-कंठाल मार्ग तैयार होना था और सतीगेट मार्ग के भवनों का चिन्हित हिस्सा तोड़ा जाना था
- कई मार्गों पर अभी भी निर्माण और फिनिशिंग कार्य शेष।
- मानसून के दौरान यातायात और जलनिकासी की समस्या बढ़ने की आशंका।
यह होगा असर
- आवासीय कालोनियों की कनेक्टिविटी प्रभावित होगी।
- जाम और वैकल्पिक मार्गों पर दबाव बढ़ेगा।
- बरसात में कीचड़ और जलभराव की समस्या।
- व्यापारिक क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित होने की आशंका।
प्रोजेक्ट रेटिंग
सड़क चौड़ीकरण परियोजना : 10 में से 6 अंक
कारण : परियोजना का महत्व अत्यधिक है, लेकिन निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण नहीं हो सका। मानसून से पहले अपेक्षित प्रगति नहीं होने के कारण नागरिक सुविधाओं पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं
सभी निर्माण एजेंसियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। जहां आवश्यक होगा वहां अतिरिक्त संसाधन लगाकर मानसून से पहले अधिकतम कार्य पूर्ण कराने का प्रयास किया जाएगा। -संतोष गुप्ता, अधीक्षण यंत्री, नगर निगम
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