कुवैत एयरपोर्ट पर ईरान के हमले में उज्जैन के एक व्यक्ति की मौत, भारत लौटने के लिए एयरपोर्ट पर पहुंचा था


स्वजन ने बताया कि मंजूर भाई का बीते 30 सालों से कुवैत आना-जाना था। वहां वे टेलरिंग का काम करता था। जबकि उनकी पत्नी व बच्चे उज्जैन के राजरायल कालोनी मे …और पढ़ें

Publish Date: Thu, 04 Jun 2026 10:51:33 AM (IST)Updated Date: Thu, 04 Jun 2026 12:36:20 PM (IST)

कुवैत एयरपोर्ट पर ईरान के हमले में उज्जैन के एक व्यक्ति की मौत, भारत लौटने के लिए एयरपोर्ट पर पहुंचा था
मृतक मंजूर अहमद उर्फ शेरू। (नईदुनिया प्रतिनिधि)

HighLights

  1. मृतक की भारत आने के लिए फ्लाइट थी, जिससे वह दिल्ली और फिर उज्जैन आने वाला था
  2. मंजूर भाई का बीते 30 सालों से कुवैत आना-जाना था
  3. उनकी पत्नी व बच्चे उज्जैन के राजरायल कॉलोनी में ही रहते हैं

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। कुवैत के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर ईरान के ड्रोन हमले में उज्जैन के व्यक्ति की मौत हुई है। मृतक की भारत आने के लिए फ्लाइट थी, जिससे वह दिल्ली और फिर उज्जैन आने वाला था।

उज्जैन की राजरायल कॉलोनी निवासी मंजूर अहमद उर्फ शेरू भाई उम्र 50 वर्ष के स्वजन ने बताया कि मंजूर भाई का बीते 30 सालों से कुवैत आना-जाना था। वहां वे टेलरिंग का काम करता था। जबकि उनकी पत्नी व बच्चे उज्जैन के राजरायल कालोनी में ही रहते थे। मंगलवार को मंजूर ने अपने स्वजन से फोन पर बात की थी।

बुधवार सुबह वह एयरपोर्ट पर पहुंचा था

बुधवार सुबह साढ़े सात बजे मंजूर की भारत आने के लिए फ्लाइट थी। जिससे वह पहले दिल्ली और फिर उज्जैन आने वाला था। सुबह वह एयरपोर्ट पर पहुंचा था। उसी दौरान ईरान द्वारा कुवैत एयरपोर्ट पर ड्रोन हमला किया गया था। इसी हमले में उसकी मौत हो गई। शव को भारत लाने के लिए कुवैत में रहने वाले रिश्तेदार व परिचित प्रयास कर रहे हैं। मंजूर की दो बेटियां व एक बेटा है। दोनों पुत्रियों का विवाह हो चुका है।

कल शाम तक आ सकता है शव

मृतक मंजूर के स्वजन उसका शव उज्जैन लाने के लिए मप्र सरकार से मदद मांग रहा है। इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों से बात चल रही है। बताया जा रहा है कि शुक्रवार शाम तक मंजूर का शव उज्जैन लाया जा सकता है।

उल्लेखनीय है कि इन दिनों खाड़ी में ईरान का अमेरिका व इजरायल के साथ युद्ध चल रहा है। हालांकि अभी कई दिनों से युद्ध विराम जारी है, लेकिन इसके बावजूद छोटे-मोटे हमले भी किए जा रहे हैं। युद्ध विराम को लेकर अभी तक कोई समझौता अंतिम रूप नहीं ले सका है, जिसके चलते बीच-बीच में ड्रोन अटैक किए जा रहे हैं। इन्हीं हमलों की चपेट में उज्जैन के मंजूर आ गए और जान गंवा बैठे।



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