उज्जैन में शिप्रा परिक्रमा और गंगा दशहरा स्थल का निरीक्षण करने अपनी-अपनी कार से पहुंचे अफसर
मां शिप्रा संरक्षण और धार्मिक चेतना से जुड़ी इस यात्रा की शुरुआत मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव द्वारा 23 वर्ष पूर्व की गई थी। तब से हर वर्ष हजारों श्रद्धा …और पढ़ें

HighLights
- श्रद्धालुओं की सुविधा-सुरक्षा पर प्रशासन का फोकस
- 25 और 26 मई को होने वाली 24वीं मां शिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा और गंगा दशहरा पर्व की तैयारी
- रामघाट, नृसिंह घाट और परिक्रमा मार्ग का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। धार्मिक नगरी उज्जैन में 25 और 26 मई को होने वाली 24वीं मां शिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा और गंगा दशहरा पर्व को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। गुरुवार को नगर निगम अध्यक्ष कलावती यादव संग कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा, नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा और विभिन्न विभाग के अधिकारी अपनी-अपनी कार से व्यवस्थाएं जांचने पहुंचे।
उन्होंने रामघाट, नृसिंह घाट और परिक्रमा मार्ग का संयुक्त निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने यात्रा मार्ग, घाट क्षेत्रों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर विभिन्न विभागों को समयबद्ध तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मालूम हो कि मां शिप्रा संरक्षण और धार्मिक चेतना से जुड़ी इस यात्रा की शुरुआत 23 वर्ष पूर्व मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव द्वारा की गई थी। तब से हर वर्ष हजारों श्रद्धालु शिप्रा संरक्षण और धार्मिक आस्था के संदेश के साथ यात्रा में सहभागी बनते रहे हैं। इस वर्ष यात्रा का शुभारंभ 25 मई को रामघाट पर मां शिप्रा पूजन के साथ होगा। यात्रा नृसिंह घाट, लालपुल और त्रिवेणी क्षेत्र से होते हुए शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरेगी तथा 26 मई को पुनः रामघाट पहुंचकर संपन्न होगी।
गंगा दशहरा का राज्य स्तरीय आयोजन भी रामघाट पर किया जाएगा
समापन अवसर पर गंगा दशहरा का राज्य स्तरीय आयोजन भी रामघाट पर किया जाएगा। निगम अध्यक्ष ने घाट क्षेत्रों की स्वच्छता, श्रद्धालुओं की आवाजाही, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मां शिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा और गंगा दशहरा उज्जैन की धार्मिक परंपरा और आस्था से जुड़े महत्वपूर्ण आयोजन हैं, जिनमें हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। इसलिए सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित और श्रद्धालु केंद्रित होना आवश्यक है।
यातायात प्रबंधन को लेकर समन्वित कार्य योजना तैयार करने को कहा
कलेक्टर ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो। उन्होंने साफ-सफाई, पेयजल, पार्किंग, चिकित्सा सहायता, संकेतक बोर्ड, बैरिकेडिंग और यातायात प्रबंधन को लेकर समन्वित कार्य योजना तैयार करने को कहा। विशेष रूप से लालपुल क्षेत्र के घाटों के समीप सुरक्षा बैरिकेडिंग मजबूत करने के निर्देश दिए। जिला पंचायत सीईओ श्रेयांश कूमट, नगर निगम अपर आयुक्त संतोष टैगोर, अपर आयुक्त पवन कुमार सिंह, यूडीए सीईओ संदीप सोनी, सीएमएचओ डा. अशोक कुमार पटेल, एडिशनल एसपी आलोक शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।