उज्जैन में रामघाट पर दीपोत्सव के दौरान धोती में आग लगने से झुलसा बटुक
उज्जैन में रामघाट पर आयोजित दीपोत्सव में एक 12 साल के बच्चे के हाथ-पैर और हथेलियां बुरी तरह से झुलस गए।

HighLights
- दीपक लगाने के दौरान बटुक मयंक दवे की धोती में आग लग गई
- धोती में आग से उसका पैर बुरी तरह से झुलस गया है
- मणि महेश गुरुकुल आश्रम से उज्जैन के रामघाट पहुंचा था
डिजिटल डेस्क, उज्जैन। उज्जैन में रामघाट पर आयोजित हुए दीपोत्सव के दौरान एक 12 साल का बटुक बुरी तरह झुलस गया। जानकारी के मुताबिक दीपक लगाने के दौरान बटुक मयंक दवे की धोती में आग लग गई थी। इससे वो बुरी तरह घायल हो गया।
इलाज के लिए उसे चरक अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। जानकारी के मुताबिक मयंक के हाथ-पैर और हथेलियां भी झुलस गई हैं। धोती में आग से पैर बुरी तरह से झुलसा है। देर रात तक अस्पताल में डॉक्टरों ने उसका इलाज किया। वह मणि महेश गुरुकुल आश्रम में पढ़ता है।
शिप्रा तट से महाकाल महालोक तक दीपोत्सव
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर गुरुवार को उज्जैन में शिप्रा तट से लेकर महाकाल महालोक तक दीयों की ऐसी रोशनी बिखरी कि पूरा शहर जगमगा उठा। दीपोत्सव के लिए रामघाट, दत्त अखाड़ा, केदारेश्वर घाट, सुनहरी घाट और भूखी माता घाट सहित शिप्रा तट के विभिन्न स्थानों को दीयों से सजाया गया था। एक साथ लाखों दीयों के प्रज्ज्वलित होते ही घाट रोशनी से नहा उठे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और अतिथियों ने भी रामघाट पर दीप प्रज्ज्वलित कर वालंटियरों का उत्साह बढ़ाया। दीप प्रज्ज्वलन के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह शिप्रा आरती में शामिल हुए। सभी ने मां शिप्रा की आराधना की।
कालभैरव मंदिर में सजाई दीपमालिका
प्रधानमंत्री के जन्म दिन पर कालभैरव मंदिर में भी दीपमालिका सजाई गई। मंदिर प्रबंधक संध्या मार्कण्डेय ने बताया कि मंदिर परिसर तथा पार्श्व भाग में शिप्रा के तट पर दीप प्रज्वलित किए गए।
दीयों से जगमगाया महाकाल का आंगन
ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में गुरुवार शाम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्म दिवस पर दीपमालिका सजाई गई। आशीर्वाद के दीयों से महाकाल का आंगन जगमगा उठा। श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्वलित कर प्रधानमंत्री के दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना की। महाकाल मंदिर परिसर, श्री महाकाल महालोक और सम्राट अशोक सेतु पर हजारों दीयों से रोशनी की गई।
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