उज्जैन में आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने किया युवा धर्म संसद का उद्घाटन


उज्जैन में सेवाज्ञ संस्थानम् की तीन दिवसीय युवा धर्म संसद आयोजन में धर्म, राष्ट्र और समाज से जुड़े प्रश्नों पर युवाओं का संवाद भी हो रहा है।

Publish Date: Fri, 18 Sep 2026 10:59:35 AM (IST)Updated Date: Fri, 18 Sep 2026 11:11:54 AM (IST)

उज्जैन में आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने किया युवा धर्म संसद का उद्घाटन
युवा धर्म संसद के कार्यक्रम में मंच पर मौजूद आरएसएस प्रमुख सहित अन्य अतिथि।

HighLights

  1. ‘धर्म की अस्तित्वपरक अवधारणा एवं चारित्रिक उत्तरदायित्व’ विषय पर व्याख्यान सत्र
  2. ‘निरंकुश संवाद-पद्धति तथा सूचना एवं विचार का संघर्ष’ विषय पर संवाद सत्र
  3. डॉ. भागवत ने कहा- हमने 100 वर्ष पूरे कर लिए हैं, अब आगे की भूमिका और बढ़ गई है

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। उज्जैन में तीन दिवसीय युवा धर्म संसद का विधिवत उद्घाटन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने किया। सेवाज्ञ संस्थानम् के इस आयोजन में धर्म, राष्ट्र और समाज से जुड़े प्रश्नों पर युवाओं का संवाद भी हो रहा है।

उद्घाटन समारोह में सेवाज्ञ संस्थानम् के आचार्य मिथिलेशनंदिनी शरण महाराज, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी और सेवाज्ञ संस्थानम् के अध्यक्ष आशीष कुमार आशु उपस्थित रहे। दोपहर 12 बजे ‘धर्म की अस्तित्वपरक अवधारणा एवं चारित्रिक उत्तरदायित्व’ विषय पर व्याख्यान सत्र होगा। इसमें आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि महाराज, गीतकार मनोज मुंतशिर, प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी, स्मृति अनंतलक्ष्मी और जे. नंदकुमार विचार रखेंगे।

naidunia_image

शाम चार बजे ‘निरंकुश संवाद-पद्धति तथा सूचना एवं विचार का संघर्ष’ विषय पर संवाद सत्र होगा। इसमें आचार्य पुंडरीक गोस्वामी महाराज, मां सद्विद्यानंद, दैनिक जागरण-नईदुनिया समूह के कार्यकारी संपादक विष्णु प्रकाश त्रिपाठी और आईआईएम इंदौर के निदेशक प्रो. हिमांशु राय शामिल होंगे।

naidunia_image

100 वर्ष पूरे होने के बाद हमारी भूमिका और बढ़ी : संघ प्रमुख

राष्ट्रीय स्वयं सेवक प्रमुख मोहन भागवत गुरुवार को उज्जैन पहुंचे। यहां उन्होंने महाकाल परिसर स्थित अरविंद नगर में उज्जैन निवासरत प्रांत, विभाग, महानगर, नगर और बस्ती के दायित्ववान स्वयं सेवकों को संबोधित किया। करीब एक घंटे चले कार्यक्रम में संघ प्रमुख ने आरएसएस की अब तक की यात्रा, वर्तमान की उपलब्धियां और आगे की भूमिका पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि पहले संघ को लेकर कुछ लोगों की अलग विचारधारा थी। हम पर प्रतिबंध भी लगे, मगर अब हमारी स्वीकार्यता व्यापक है। हमने 100 वर्ष पूरे कर लिए हैं। अब आगे हमारी भूमिका और बढ़ गई है। पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, समरसता, नागरिक अनुशासन जैसे विषयों पर काम करने की बात भी संघ प्रमुख ने दोहराई। शुक्रवार को संघ प्रमुख गीता भवन में युवा धर्म संसद का उद्घाटन करेंगे।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *