उज्जैन के सदावल में बन रहे हेलीपैड पर काम पूरा होने से पहले ही आईं गहरी दरारें


लगभग 10.45 करोड़ रुपये से निर्माणाधीन इस प्रोजेक्ट का काम अभी पूरा भी नहीं हुआ है और नवनिर्मित कंक्रीट की सतह पर गहरी दरारें (क्रैक्स) उभर आई हैं। …और पढ़ें

Publish Date: Thu, 21 May 2026 10:56:14 AM (IST)Updated Date: Thu, 21 May 2026 10:56:14 AM (IST)

सिंहस्थ-2028: उज्जैन के सदावल में बन रहे हेलीपैड पर काम पूरा होने से पहले ही आईं गहरी दरारें
सदावल में ताजा-ताजा बने हेलीपैड में आई दरार। (नईदुनिया प्रतिनिधि)

HighLights

  1. लगभग 10.45 करोड़ रुपये से निर्माणाधीन इस प्रोजेक्ट का काम अभी पूरा भी नहीं हुआ है
  2. नवनिर्मित कंक्रीट की सतह पर गहरी दरारें (क्रैक्स) उभर आई हैं
  3. दरार निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर बड़े सवालिया निशान खड़े कर रही है

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। सिंहस्थ-2028 की महातैयारियों के बीच सदावल में बन रहे महत्वाकांक्षी वीवीआइपी हेलीपैड प्रोजेक्ट से एक बेहद चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। लगभग 10.45 करोड़ रुपये से निर्माणाधीन इस प्रोजेक्ट का काम अभी पूरा भी नहीं हुआ है और नवनिर्मित कंक्रीट की सतह पर गहरी दरारें (क्रैक्स) उभर आई हैं। हेलीपैड के बीचों-बीच से गुजरती यह दरार निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर बड़े सवालिया निशान खड़े कर रही है।

इस तकनीकी खामी और प्रोजेक्ट में लगातार हो रही देरी को लेकर हाल ही में आयोजित समीक्षा बैठक में संभागायुक्त-सह-मुख्य मेला अधिकारी आशीष सिंह नाराज भी हुए थे। संभागायुक्त ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की कार्यप्रणाली पर गहरा असंतोष जताते हुए कार्यपालन यंत्री गौतम अहिरवार को चेतावनी दी थी। साथ ही एसडीओ प्रफुल्ल जैन को जांच कर रिपोर्ट सौंपने के आदेश जारी किए थे।

दो महीने पहले कटी थी सैलरी, फिर भी नहीं सुधरे हालात

गौरतलब है कि करीब दो महीने पहले भी इस प्रोजेक्ट की कछुआ चाल को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया था। फरवरी के अंतिम सप्ताह में हुई बैठक के दौरान कार्य में लापरवाही पर तत्कालीन विभागीय प्रमुख का 15 दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए थे। वेतन कटौती और बार-बार मिली चेतावनियों के बावजूद धरातल पर काम की गुणवत्ता में सुधार होने के बजाय अब नवनिर्मित संरचना में ही दरारें देखने को मिल रही हैं।

समय-सीमा बीतने के बाद अब जून का दावा भी संकट में

मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव द्वारा 12 जून 2024 को भूमिपूजन किए गए इस प्रोजेक्ट की तय समय-सीमा 31 जनवरी 2026 को ही समाप्त हो चुकी है। वर्तमान में बाउंड्रीवाल, भव्य लाउंज, वेटिंग एरिया और कल्वर्ट निर्माण सहित करीब 15 प्रतिशत काम अभी भी अधूरा है। विभाग ने पहले शेष निर्माण कार्य जून-2026 तक पूरा करने का दावा किया था, लेकिन अब सतह पर आई इन गंभीर दरारों के बाद मरम्मत और दोबारा निर्माण (रिवर्क) के कारण इस प्रोजेक्ट के लोकार्पण में और अधिक विलंब होना तय माना जा रहा है।

यातायात प्रबंधन के लिए बेहद जरूरी है सदावल प्रोजेक्ट

13 हेक्टेयर क्षेत्र में बन रहे इन चार हेलीपैड का शुरू होना उज्जैन शहर के लिए बेहद अनिवार्य है। वर्तमान में वीवीआइपी मूवमेंट डीआरपी लाइन (देवास रोड) से होता है, जो महाकाल मंदिर से 8.5 किलोमीटर दूर है। इसके कारण शहर में बार-बार ट्रैफिक रोकना पड़ता है और आम जनता घंटों जाम से जूझती है। सदावल प्रोजेक्ट के पूरा होने से अतिविशिष्ट मेहमान सीधे मंदिर के समीप उतर सकेंगे, जिससे शहर का ट्रैफिक सुचारू रहेगा। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह और संभागायुक्त आशीष सिंह ने अब इस पूरे मामले में ‘जीरो टालरेंस’ की नीति अपना ली है। सिंहस्थ जैसे वैश्विक आयोजन की गरिमा और अतिविशिष्ट मेहमानों की सुरक्षा को देखते हुए, घटिया निर्माण और लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर अब सीधे गाज गिरना तय है।

उज्जैन एयरपोर्ट बनाने को लेकर छह कंपनियाें ने दिखाई दिलचस्पी



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *