अधिकमास में शिप्रा के रामघाट पर गंगा दशहरा की धूम, देशभर से उज्जैन पहुंच रहे श्रद्धालु


देशभर से श्रद्धालु शिप्रा गंगा माता का पूजन और नारदीय संकीर्तन से हरि कथा सुनने आ रहे हैं। …और पढ़ें

Publish Date: Thu, 21 May 2026 09:07:45 AM (IST)Updated Date: Thu, 21 May 2026 09:10:33 AM (IST)

अधिकमास में शिप्रा के रामघाट पर गंगा दशहरा की धूम, देशभर से उज्जैन पहुंच रहे श्रद्धालु
रागंगा दशहरा के लिए नीलगंगा सरोवर की सफाई की जा रही है। मघाट पर विराजित माता गंगा।

HighLights

  1. रामघाट पर प्रतिदिन सुबह पंचामृत अभिषेक
  2. 26 मई को मुख्यमंत्री मोहन यादव करेंगे पूजन
  3. नीलगंगा सरोवर में साधु संतों का स्नान

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। मोक्षदायिनी शिप्रा के रामघाट पर इनदिनों गंगा दशहरा की धूम है। अधिकमास कार्तन ससंयोग होने से देशभर से बड़ी संख्या में भक्त शिप्रा गंगा माता का पूजन व नारदीय संकीर्तन से हरि कथा को सुनने आ रहे हैं। ग्वालियर के योगेश पुरंदरे वंश परंपरा से भक्तों को कथा का श्रवण करा रहे हैं। 26 मई को गंगा दशहरा उत्सव मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मोक्षदायिनी शिप्रा को चुनरी अर्पण करेंगे।

तीर्थपुरोहित धर्माधिकारी पं.गौरव उपाध्याय ने बताया ज्येष्ठ शुक्ल प्रतिपदा से पूर्णिमा तक चलने वाले 15 दिवसीय गंगा दशहरा उत्सव की शुरुआत हो गई है। परंपरा अनुसार भागसीपुरा से गंगा माता की मूर्ति को शिप्रा के रामघाट पर आरती द्वार के समीप प्रतिष्ठित किया गया है। प्रतिदिन सुबह 8 बजे शिप्रा गंगा माता का पंचामृत अभिषेक पूजन किया जा रहा है। शाम को 6.30 बजे गोधूलि वेला में आरती के उपरांत शाम 7 बजे से नारदीय संकीर्तन से हरि कथा का क्रम जारी है।

25 मई को सुबह रामघाट से शिप्रा परिक्रमा यात्रा का शुभारंभ होगा। 26 मई को गंगा दशहरा पर दो दिवसीय यात्रा संध्याकाल रामघाट पर समापन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शिप्रा गंगा माता का पंचामृत अभिषेक पूजन कर सौभाग्य सामग्री तथा 400 मीटर लंबी चुनरी अर्पित करेंगे। सांगीतिज्ञ संध्या का आयोजन भी होगा। 15 दिन चलने वाले गंगा दशहरा उत्सव का समापन 15 जून को ज्येष्ठ पूर्णिमा पर होगा।

नीलगंगा सरोवर पर होगा साधु संतों का स्नान

गंगा दशहरा पर नीलगंगा चौराहा स्थित श्री नीलगंगा सरोवर में साधु संतों का स्नान होगा। इससे पूर्व सुबह सिंहस्थ की तरह साधु संतों की पेशवाई निकलेगी। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्रपुरी महाराज, महामंत्री हरि गिरि महाराज के साथ देशभर के नागा साधु सन्यासी शामिल होंगे।

इस बार महामंडलेश्वर केकोआइकावा भी अपने सौ से अधिक जापानी शिष्यों के साथ शामिल होंगी। आयोजन को लेकर तैयारी शुरू हो गई है। संतों के स्नान के लिए नीलगंगा सरोवर की सफाई की जा रही है। मान्यता है उज्जैन के नीलगंगा सरोवर पर माता गंगा ने शिप्रा स्नान किया था। धार्मिक दृष्टिकोण व स्नान की परंपरा से से यह स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *