जमीन खरीदी विवाद पर आलोट विधायक चिंतामणि मालवीय ने कहा- यह मुझे उलझाने की साजिश


उज्जैन के हरिफाटक क्षेत्र में 45 हजार स्क्वेयर फीट जमीन खरीदी को लेकर आलोट विधायक चिंतामणि मालवीय विवादों में हैं। …और पढ़ें

Publish Date: Wed, 20 May 2026 08:59:25 AM (IST)Updated Date: Wed, 20 May 2026 09:03:19 AM (IST)

जमीन खरीदी विवाद पर आलोट विधायक चिंतामणि मालवीय ने कहा- यह मुझे उलझाने की साजिश
विधायक चिंतामणि मालवीय। – फाइल फोटो

HighLights

  1. विधायक चिंतामणि मालवीय ने जमीन के कागज दिखाए, बताया राजनीतिक साजिश
  2. साजिश के पीछे सरकार का काम देखने वाले कुछ लोगों की भूमिका का लगाया आरापे
  3. कांग्रेस पार्षद की शिकायत, महाकाल मंदिर पार्किंग की सरकारी जमीन खरीदने का आरोप

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। उज्जैन शहर के हरिफाटक क्षेत्र में स्थित 45 हजार स्केवेयर फीट जमीन खरीदी के मामले में आरोपों से घिरे भाजपा नेता और आलोट विधायक चिंतामणि मालवीय ने मंगलवार को जमीन के कागज मीडिया को दिखाए। विधायक ने कहा कि सारे आरोप गलत हैं और जमीन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा सकती है।

विधायक ने आरोप लगाया कि ये एक राजनीतिक साजिश है। मालवीय ने बिना नाम लिए कहा कि एक प्रमुख राजनीतिक शख्सियत अपने राजनीतिक विरोधियों को परेशान करना चाहते हैं। ये मुझे उलझाने की साजिश है।

उल्लेखनीय है कि हरिफाटक क्षेत्र की उक्त जमीन को विधायक चिंतामणि मालवीय और भाजपा के पूर्व नगर अध्यक्ष इकबालसिंह गांधी की अगुवाई वाली कंपनी यूटोपिया होटल एंड रिसोर्ट प्रालि ने खरीदा है। उज्जैन के कांग्रेस नेता और पार्षद राजेंद्र कुंवाल ने मामले में लोकायुक्त आदि एजेंसियों को शिकायत की है। हाई कोर्ट में याचिका भी लगाई है।

जमीन महाकाल मंदिर के पार्किंग की

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दोनों नेताओं ने सरकारी जमीन खरीदी है। ये जमीन महाकाल मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की पार्किंग की है। साथ ही रजिस्ट्री में इसे कृषि भूमि बताया गया है। जबकि यह कमर्शियल है। ऐसा कर पंजीयन और स्टाम्प शुल्क की चोरी की गई है। मंगलवार दोपहर को विधायक चिंतामण मालवीय ने इन आरोपों को खारिज किया।

दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि ये जमीन निजी है। 75 साल की सर्च रिपोर्ट उनके पास है। यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि भूमि महाकाल मंदिर की है। निजी जमीन के आसपास पार्किंग बना देने से ये सरकारी कैसे हो गई। खसरे में यह जमीन कमर्शियल नहीं है। दस्तावेजों के अनुसार ही रजिस्ट्री की गई है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *