उज्जैन में इस वर्ष 18 में से छह ब्रिज बनकर हो जाएंगे तैयार, दौड़ेगा ट्रैफिक
शहर के ट्रैफिक को सुगम बनाने और संकरी गलियों व पुराने पुलों पर दबाव कम करने के लिए इस साल 18 में से 6 पुल का निर्माण पूरा होने जा रहा है। …और पढ़ें

HighLights
- इस साल निर्माणाधीन 18 में से 6 पुल का निर्माण पूरा होने जा रहा है
- इन पुलों के खुलने से शहर के मुख्य हिस्सों में ट्रैफिक का दबाव काफी कम हो जाएगा
- सिंहस्थ से पहले प्रदेश सरकार ने उज्जैन में 19 नए पुल बनाने को 440 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। भगवान महाकाल की नगरी उज्जैन के बुनियादी ढांचे और यातायात व्यवस्था के लिए एक सुखद खबर सामने आई है। शहर के ट्रैफिक को सुगम बनाने और संकरी गलियों व पुराने पुलों पर दबाव कम करने के लिए इस साल निर्माणाधीन 18 में से 6 पुल का निर्माण पूरा होने जा रहा है। ये दावा स्थानीय प्रशासन का है।
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के ब्रिज सेल के अनुसार प्रशासन का लक्ष्य है कि आने वाले समय में श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों को जाम की झंझट से मुक्ति दिलाई जाए। इन पुलों के खुलने से शहर के मुख्य हिस्सों में ट्रैफिक का दबाव काफी कम हो जाएगा।
उज्जैन में 19 नए पुल बनाने को 440 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं
बता दें कि सिंहस्थ- 2028 की तैयारी जोरशोर से चल रही है। ऐसे में सिंहस्थ से पहले प्रदेश सरकार ने उज्जैन में 19 नए पुल बनाने को 440 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। एक पुल का निर्माण अभी निविदा प्रक्रिया में चल रहा है, जबकि शेष का काम प्रगति पर है। सरकार 4814 करोड़ रुपये से शहर में 276 किलोमीटर लंबी 52 सड़कों को चौड़ा भी कर रही है। यही नहीं 8719 करोड़ रुपये से 304 किलोमीटर लंबी 26 नई सड़कें भी बना रही है। सरकार सिंहस्थ से पहले शहर में बुनियादी ढांचा खड़ा करना चाहती है। ऐसे में निर्माण कार्यों में तेजी लाई गई है।
यहां के पुल इस साल बनकर तैयार होंगे
- विक्रम नगर-कड़छा के बीच एलसी नंबर 7/19-21 पर रेलवे ओवरब्रिज।
- मंगलनाथ मंदिर के पीछे नाले पर मौजूदा ब्रिज के समानांतर सबमर्सिबल ब्रिज।
- शिप्रा नदी पर कर्कराज पार्किंग से भूखी माता लालपुल मार्ग तक ब्रिज।
- काल भैरव मंदिर से गढ़ कालिका मार्ग (ओखलेश्वर) पर समानांतर ब्रिज।
- सिद्धवट-अंगारेश्वर मार्ग पर शिप्रा नदी पर सबमर्सिबल ब्रिज।
- पिपलीनाका चौराहा से भैरवगढ़ मार्ग पर मौजूदा ब्रिज के समानांतर ब्रिज।