भगवान महाकालेश्वर मंदिर परिसर में धनुष द्वार के पास लगी आग, मची अफरातफरी
ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में सोमवार शाम धनुष द्वार के समीप आग लग गई। देखते ही देखते आग से लपटें उठने लगी। इससे कुछ देर के लिए अफरातफरी मच गई। …और पढ़ें

HighLights
- गार्डों ने सुरक्षा उपकरणों का उपयोग कर फैलने से रोका
- सूचना मिलने के बाद पहुंची फायर ब्रिगेड ने मशक्कत के बाद पाया काबू
- सूचना के करीब 15 से 20 मिनट बाद फायर ब्रिगेड मंदिर पहुंच गई थी
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में सोमवार शाम धनुष द्वार के समीप आग लग गई। देखते ही देखते आग से लपटें उठने लगी। इससे कुछ देर के लिए अफरातफरी मच गई। मंदिर के कंट्रोल रूप से फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। हालांकि फायर फाइटरों के मंदिर पहुंचने से पहले मंदिर में तैनात कोर कंपनी के गार्डों ने अग्निशमन यंत्रों से आग को फैलने से रोका।
जानकारी अनुसार महाकाल मंदिर में सोमवार शाम करीब 5.40 बजे धनुष द्वार के पास बाउंड्री एरिया के अंदर सूखी घास व कचरे के ढेर में आग लग गई। थोड़ी ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया और लपटें उठने लगी। धुएं के गुबार के साथ आग की लपटों को देखकर श्रद्धालु सहम गए और अफरातफरी की स्थिति निर्मित हुई।
गार्डों ने सूझबूझ का परिचय दिया
धनुष द्वार पर तैनात गार्डों ने मंदिर के कंट्रोल रूप को घटना की जानकारी दी तथा अग्निशमन यंत्रों से आग बुझाने का प्रयास करने लगे। गार्डों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए उस दिशा में आग बुझाने का प्रयास किया, जिधर आग बढ़ रही थी। इससे स्थिति नियंत्रण में रही और बड़ी घटना नहीं हुई। घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सूचना के करीब 15 से 20 मिनट बाद फायर ब्रिगेड मंदिर पहुंच गई थीं। इसके बाद दमकल कर्मियों ने आग को बुझाया। सूत्र बताते हैं आग से विद्युत केबलों को नुकसान पहुंचा है।
घासफूंस व कचरे के कारण लगी आग, समय पर नहीं हो रही सफाई
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धनुष द्वार के समीप घास व कचरे के कारण आग लगी है। मंदिर में अगर समय पर साफ सफाई होती रहे, तो कचरे का एकत्रीकरण नहीं हो और प्रकार की घटना को रोका जा सकता है। बता दें नईदुनिया में सोमवार को ही मंदिर में साफ सफाई को लेकर बरती जा रही ढिलाई का समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया था।