उज्जैन में मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के नाम पर एमआर से 4.25 लाख की ठगी, छात्र की मौत का झूठा झांसा देकर जालसाजों ने फंसाया
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। मेडिकल कॉलेज में प्रवेश दिलाने के नाम पर दवा कंपनी के मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) के साथ 4.25 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। एमआर को ठग ने झांसे में लिया कि बिहार के कटिहार मेडिकल कॉलेज में एक छात्र की मौत के कारण सीट खाली है। फर्जी प्रिंसिपल बनकर भी फोन पर बात की। इसके बाद एमआर ने अपने पुत्र को प्रवेश दिलाने के लिए ठगों के बताए बैंक खाते में 4.25 लाख रुपये जमा करवा दिए। एमआर कटिहार पहुंचा तो उसे ठगी का पता चला। मामले में नीलगंगा पुलिस ने अज्ञात आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
प्रोफेसर के नाम से मिला संपर्क
पुलिस ने बताया कि सतीशचंद्र पटेल निवासी मंछामन गणेश नगर दवा कंपनी में एमआर है। पटेल का भतीजा गौतम सतना मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहा है। 15 फरवरी को पटेल की बात अपने भतीजे गौतम से हुई थी। उसने बताया कि उसके कॉलेज के प्रोफेसर चंद्रशेखर वाघमारे ने बताया है कि बिहार के कटिहार मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की एक सीट खाली है।
पटेल ने प्रोफेसर वाघमारे से संपर्क किया तो उन्होंने कटिहार मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल का कथित मोबाइल नंबर दिया था।
फर्जी प्रिंसिपल बनकर ठगा
जब सतीश ने उस नंबर पर बात की तो ठग ने कॉलेज प्रिंसिपल आरबी गुप्ता बनकर बात की। उसने बताया कि कॉलेज में एमबीबीएस के एक छात्र की मौत होने के कारण एक सीट खाली हुई है।
अगर सीट चाहिए तो तुरंत फीस जमा कराने को कहा। साथ ही बैंक खाता नंबर भेजा और बताया कि यह खाता उस व्यक्ति का है जिसकी मृत्यु से सीट खाली हुई है।
4.25 लाख रुपये किए ट्रांसफर
पटेल ने दिए गए बैंक खाते में ऑनलाइन 4.25 लाख रुपये जमा कर दिए।
फर्जी दस्तावेज भेजकर बढ़ाया भरोसा
ठगों ने ईमेल के जरिए कॉलेज के बैंक खातों की डिटेल भेजी। इसके अलावा वाट्सएप पर नेशनल मेडिकल कमीशन का फर्जी लेटर, डा. आरबी गुप्ता का फर्जी आईडी कार्ड, बेटे हर्ष पटेल का जाली अलॉटमेंट लेटर और कॉलेज आईडी कार्ड भेजा। इन दस्तावेजों को सही मानकर पटेल ने 15 से 17 फरवरी के बीच अपने और स्वजन के बैंक खातों से 4.25 लाख रुपये ट्रांसफर किए।
कटिहार पहुंचने पर खुली पोल
पटेल 19 फरवरी को बिहार के कटिहार स्थित मेडिकल कॉलेज पहुंचे। वहां प्रिंसिपल आरबी गुप्ता से मुलाकात करने पर पता चला कि कोई सीट खाली नहीं है और उनसे कभी बात नहीं हुई। तब ठगी का खुलासा हुआ।
बंगाल के खाते में जमा हुए रुपये
पुलिस जांच में सामने आया है कि जिन खातों में रुपये ट्रांसफर किए गए, उनमें से एक खाता जयंत सरकार, बंगाल के नाम पर है। पुलिस ठगों के मोबाइल नंबर और बैंक खातों की जांच कर रही है।
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