15 जून को सोमवती अमावस्या… उज्जैन में सोमतीर्थ पर होगा पर्व स्नान, दिखाई नहीं दे रहे इंतजाम


महापर्व में दो दिन का समय शेष है, लेकिन अब तक सोमकुंड पर तैयारी नजर नहीं आ रही है। इधर शिप्रा पर पुल निर्माण के चलते श्रद्धालुओं का बड़नगर रोड की तरफ …और पढ़ें

Publish Date: Sat, 13 Jun 2026 10:03:39 AM (IST)Updated Date: Sat, 13 Jun 2026 10:03:39 AM (IST)

15 जून को सोमवती अमावस्या... उज्जैन में सोमतीर्थ पर होगा पर्व स्नान, दिखाई नहीं दे रहे इंतजाम
शिप्रा नदी की छोटी पुलिया टूटने के बाद श्रद्धालु इस प्रकार नदी पार कर दत्त अखाड़ा पहुंच रहे हैं। (नईदुनिया प्रतिनिधि)

HighLights

  1. दिखाई नहीं दे रहे इंतजाम, शिप्रा तक पहुंचना भी खतरे से खाली नहीं
  2. पंचांग की गणना के अनुसार 15 जून को सोमवती अमावस्या का महासंयोग बन रहा है
  3. इस दिन शिप्रा व सोमकुंड में पर्व स्नान होगा, लेकिन यहां इंतजाम नहीं होने से श्रद्धालु होंगे परेशान

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। पंचांग की गणना के अनुसार 15 जून को सोमवती अमावस्या का महासंयोग बन रहा है। इस दिन शिप्रा व सोमकुंड में पर्व स्नान होगा।

महापर्व में दो दिन का समय शेष है, लेकिन अब तक सोमकुंड पर तैयारी नजर नहीं आ रही है। इधर शिप्रा पर पुल निर्माण के चलते श्रद्धालुओं का बड़नगर रोड की तरफ से शिप्रा के दत्त अखाड़ा और रामघाट पहुंचना मुश्किल नजर आ रहा है।

सोमवती अमावस्या महापर्व है, लेकिन इस बार ज्येष्ठ अधिकमास का समापन इस दिन होने से इसका महत्व कई गुना बढ़ गया है। इस दिन हजारों भक्तों के शिप्रा व सोमकुंड में स्नान करने की संभावना है।

दर्शनार्थियों को सुविधा के लिए तरसना पड़ सकता है

हालांकि जिस प्रकार इस बार पूरे ज्येष्ठ मास में तीर्थ पर बद इंतजामी थी, उसे देखते हुए लगता है सोमवती अमावस्या पर भी दर्शनार्थियों को सुविधा के लिए तरसना पड़ सकता है।

बड़नगर रोड से शिप्रा तट पहुंचना मुश्किल

अधिकमास के आखिरी दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ गई है। देशभर से हजारों श्रद्धालु उज्जैन में चौरासी महादेव, नौ नारायण व सप्त सागरों के दर्शन पूजन करने पहुंच रहे हैं।

शिप्रा नदी की छोटी रपट को तोड़ दिया गया है

बड़नगर रोड और कार्तिक मेला क्षेत्र के आसपास स्थित चौरासी महादेव मंदिरों में दर्शन पूजन करने वाले भक्तों को शिप्रा के सिद्धवट व रामघाट पहुंचने में काफी परेशानी हो रही है, वजह शिप्रा नदी की छोटी रपट को तोड़ दिया गया है अब यहां बड़े पुल का निर्माण जारी है। बाहर से आने वाले दर्शनार्थियों को कोई वैकल्पिक मार्ग बताने वाला नहीं है। प्रशासन ने कहीं भी सूचना संकेतक बोर्ड नहीं लगा रखे हैं।



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