सांची दुग्ध संघ के डिप्टी जीएम से ₹1.77 करोड़ की धोखाधड़ी, निवेश के नाम पर की गई थी ठगी, भोपाल से आरोपी गिरफ्तार


सांची दुग्ध संघ ट्रेनिंग सेंटर के उप महाप्रबंधक से 1.77 करोड़ की ठगी के आरोपी को राज्य साइबर सेल ने भोपाल से गिरफ्तार किया है। आरोपी के बैंक खाते में …और पढ़ें

Publish Date: Fri, 12 Jun 2026 10:44:32 PM (IST)Updated Date: Fri, 12 Jun 2026 10:44:32 PM (IST)

सांची दुग्ध संघ के डिप्टी जीएम से ₹1.77 करोड़ की धोखाधड़ी, निवेश के नाम पर की गई थी ठगी, भोपाल से आरोपी गिरफ्तार
भोपाल से आरोपी गिरफ्तार।

HighLights

  1. ‘नियो कोट प्रो’ फर्जी ऐप का कूट मायाजाल
  2. 3 महीने में 31 बार में ट्रांसफर करवाए पैसे
  3. आईपीओ अलॉटमेंट के नाम पर हुआ खुलासा

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। सांची दुग्ध संघ ट्रेनिंग सेंटर के उप महाप्रबंधक से 1.77 करोड़ की ठगी के आरोपी को राज्य साइबर सेल ने भोपाल से गिरफ्तार किया है। आरोपी के बैंक खाते में करीब ढाई लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे। शेयर बाजार में निवेश करने व मुनाफा दिखाने के नाम पर ठगी की गई थी। तीन माह में 31 बार में अलग-अलग बैंक खातों में रुपये जमा करवाए गए थे।

एसपी राज्य साइबर सव्यसाची सराफ ने बताया कि मक्सी रोड उज्जैन स्थित सांची दुग्ध संघ ट्रेनिंग सेंटर के उप महाप्रबंधक दीपक कुमार द्वारा राज्य साइबर सेल में शिकायत दर्ज करवाई थी कि उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर हर दिन शेयर मार्केट में मुनाफा कमाने का झांसा दिया गया था। ग्रुप के लगभग सभी सदस्य अपने मुनाफे के संबंध में लगातार पोस्ट करते थे।

ग्रुप की एक्टिविटी और मुनाफा देखकर उन्होंने शेयर मार्केट में निवेश करने का मन बनाया था। इसके बाद ग्रुप के एडमिन द्वारा उन्हें एक एप्लीकेशन नियो कोट प्रो उनके मोबाइल पर इंस्टॉल करवाई थी। जिसके लिए दीपक कुमार से [आधार कार्ड ओमिटेड] व पैन कार्ड आदि लेकर कथित ऐप पर अकाउंट बनवाया गया था।

करोड़ों का फर्जी निवेश और IPO अलॉटमेंट का झांसा

ट्रेडिंग शुरू करने के लिए प्रारंभ में पांच हजार रुपये जमा करवाए गए थे। दीपक कुमार को निवेश की गई राशि पर लाभ प्राप्त हुआ। इसके बाद निवेश के नाम पर तीन माह में एक करोड़ 77 लाख रुपये की राशि विभिन्न बैंक खातों में जमा की गई। दीपक कुमार ने जब अपनी राशि निकालने का प्रयास किया तो उन्हें एक आईपीओ एक करोड़ 70 लाख रुपये का अलॉट कर दिया व उसकी राशि और जमा करने का बोला गया था। इस पर उन्हें अपने साथ ठगी का एहसास हुआ था।

मामले में राज्य साइबर सेल जोन प्रभारी उप पुलिस अधीक्षक लीना मारोठ द्वारा धारा 318 (4) बीएनएस व 66-डी आईटी एक्ट (सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की थी।

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भोपाल से म्यूल खाता धारक की गिरफ्तारी

भोपाल से म्यूल खाता धारक गिरफ्तार; जांच के दौरान आए डिजिटल तथ्य व अन्य तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस ने भानु पुत्र भगवान दास चौरसिया उम्र 25 वर्ष निवासी शिवनगर कॉलोनी, करोंद, भोपाल को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उस पर बहुत अधिक कर्ज हो गया था।

कर्जा उतारने के लिए उसके एक दोस्त सारांश जैन को उनके यस बैंक में करंट अकाउंट खुलवाकर उपयोग करने के लिए दिया था। भानु को खाता खुलवाने के बाद 26000 रुपये दिए गए व बाद में हर माह 10 हजार रुपये देने का बोला गया था। आरोपी भानु के बैंक खाते में ठगी के ढाई लाख रुपये जमा किए गए थे।



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