उज्जैन में महर्षि सांदीपनि आश्रम में स्थापित होगी 108 फीट ऊंची श्रीकृष्ण की ‘विराट स्वरूप’ प्रतिमा


नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। उज्जैन की पावन धरा पर स्थित भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली ‘महर्षि सांदीपनि आश्रम’ अब अपने नए और भव्य स्वरूप में दुनिया के सामने आने वाली है। राज्य सरकार ने आश्रम के एकीकृत विकास और संरक्षण के लिए एक वृहद मास्टर प्लान तैयार किया है, जिसके तहत करीब 136 करोड़ रुपये से इस प्राचीन परिसर का कायाकल्प किया जाएगा। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य सिंहस्थ-2028 से पहले श्रद्धालुओं को द्वापर युग के जीवंत दर्शन कराना है।

108 फीट ऊंची ‘विराट स्वरूप’ प्रतिमा और गोमती कुंड का संरक्षण

परियोजना के आकर्षण का मुख्य केंद्र आश्रम परिसर में स्थापित होने वाली 108 फीट ऊंची भगवान श्रीकृष्ण की ‘विराट स्वरूप’ प्रतिमा होगी। इसके साथ ही, आधुनिक तकनीक के माध्यम से एक ऐसा ‘अनुभव क्षेत्र’ (एक्सपीरियंस जोन) विकसित किया जा रहा है, जहां श्रद्धालु एआर/वीआर तकनीक के जरिए सांदीपनी मुनि के गुरुकुल की शिक्षा पद्धति को महसूस कर सकेंगे। यहाँ की डिजिटल गैलरी में श्रीकृष्ण, सुदामा और बलराम के बाल्यकाल की कथाओं को अत्याधुनिक लाइट एंड साउंड शो के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।

विकास कार्यों में आधुनिकता के साथ-साथ प्राचीनता का भी पूर्ण ध्यान रखा गया है। आश्रम के ऐतिहासिक ‘गोमती कुंड’ का वैज्ञानिक पद्धति से संरक्षण किया जाएगा ताकि उसका जल और संरचना अक्षुण्ण बनी रहे। पूरे परिसर में मालवा की पारंपरिक वास्तुकला, नक्काशीदार पत्थर और टेराकोटा का उपयोग होगा, जो आगंतुकों को भारतीय सांस्कृतिक विरासत की गहराई से जोड़ेगा।

उज्जैन स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने सर्वे, डिजाइन, इंजीनियरिंग, कंस्ट्रक्शन, टेस्टिंग एवं ऑपरेशन-मेंटेनेंस कार्य के लिए ठेकेदार चयन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है।

पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल

इस कायाकल्प के बाद सांदीपनि आश्रम न केवल एक धार्मिक स्थल, बल्कि एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक केंद्र के रूप में उभरेगा। परिसर में वीआईपी गेस्ट हाउस, विशाल उद्यान, नक्षत्र वाटिका और उन्नत जन-सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। जानकारों का मानना है कि इस विकास से उज्जैन के धार्मिक पर्यटन में भारी उछाल आएगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

यह महत्वाकांक्षी परियोजना उज्जैन को ‘धार्मिक राजधानी’ के रूप में वैश्विक पटल पर और अधिक मजबूती से स्थापित करेगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि आने वाले समय में यहां आने वाले भक्त केवल दर्शन ही न करें, बल्कि श्रीकृष्ण के विद्यार्थी जीवन के मूल्यों को भी साथ लेकर जाएं।

श्रीकृष्ण पाथेय योजना में शामिल है सांदीपनि आश्रम

सांदीपनि आश्रम मध्यप्रदेश सरकार की श्रीकृष्ण पाथेय योजना में शामिल है। सरकार हर उस स्थान का विकास करने जा रही है जहां-जहां भगवान श्रीकृष्ण के चरण पड़े और उनसे जुड़े खास प्रसंग हुए। ऐसा ही एक स्थान उज्जैन का नारायणा धाम भी है, जहां भगवान श्रीकृष्ण, बलराम और सुदामा के लकड़ी चुनने जाने का प्रसंग शास्त्रों में मिलता है। नारायणा धाम के विकास की 120 करोड़ की योजना प्रस्तावित है।

परियोजना की खास बातें

लागत : 136.12 करोड़ के निवेश से संपूर्ण क्षेत्र का विकास।

थीम : द्वापर कालीन गुरुकुल परंपरा पर आधारित डिजाइन।

सुविधाएं : विशाल पार्किंग, डिजिटल म्यूजियम और 5 सालों तक सुव्यवस्थित प्रबंधन।

समय सीमा : अगले 18 महीनों में निर्माण कार्य को पूरा करने का लक्ष्य।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *