उज्जैन के चिंतामन गणेश मंदिर में बदलेगी दर्शन व्यवस्था, नए द्वार से मिलेगा भक्तों को प्रवेश


चिंतामन गणेश मंदिर में अब भक्तों को नए द्वार से प्रवेश मिलेगा। मंदिर समिति फोरलेन निर्माण के चलते व्यवस्था में परिवर्तन की तैयारी कर रही है। …और पढ़ें

Publish Date: Sun, 24 May 2026 11:05:07 AM (IST)Updated Date: Sun, 24 May 2026 11:05:07 AM (IST)

उज्जैन के चिंतामन गणेश मंदिर में बदलेगी दर्शन व्यवस्था, नए द्वार से मिलेगा भक्तों को प्रवेश
भगवान चिंतामन गणेश। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. फोरलेन निर्माण के चलते किया जा रहा परिवर्तन, पार्किंग स्थल में भी बदलाव होगा
  2. नवनिर्माण के चलते पार्किंग स्थल में भी परिवर्तन किया जाएगा
  3. निर्माण एजेंसी एक दो दिन में मंदिर के मुख्य द्वार के सामने खोदाई शुरू करने वाली है

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। चिंतामन गणेश मंदिर में अब भक्तों को नए द्वार से प्रवेश मिलेगा। मंदिर समिति फोरलेन निर्माण के चलते व्यवस्था में परिवर्तन की तैयारी कर रही है। नवनिर्माण के चलते पार्किंग स्थल में भी परिवर्तन किया जाएगा। दो दिन पहले कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने भी मंदिर का भ्रमण कर श्रद्धालुओं के लिए की जाने वाली नई दर्शन व्यवस्था की जानकारी ली।

मंदिर प्रबंधक अभिषेक शर्मा ने बताया सिंहस्थ 2028 के लिए यंत्र महल मार्ग से ग्राम चिंतामन जवासिया तक फोरलेन का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण एजेंसी एक दो दिन में मंदिर के मुख्य द्वार के सामने खोदाई शुरू करने वाली है। इससे पहले मंदिर की दर्शन व्यवस्था तथा पार्किंग स्थल में बदलाव किया जाएगा। इसके लिए जिन विकल्पों पर विचार चल रहा है, उनमें मंदिर के पृष्ठ भाग में स्थित पुराने प्रवेश द्वार को फिर से शुरू करने की योजना है।

यह द्वारा चिंतामन रेल्वे स्टेशन से मंदिर तक के मुख्य मार्ग पर स्थित है। इसके सामने व आसपास वाहन पार्किंग व फूल प्रसाद की दुकानों के लिए भी पर्याप्त स्थान है। दो दिन पहले व्यवस्थाओं के संबंध में आला अधिकारियों ने मंदिर का निरीक्षण किया था, उन्हें भी इससे अवगत कराया गया था। निर्देश प्राप्त होते ही, नई दर्शन व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। श्रद्धालुओं को नई व्यवस्था की जानकारी देने के लिए सूचना संकेतक बोर्ड भी लगाए जाएंगे।

वेडिंग डेस्टिनेशन में जल-पान का प्रबंध नहीं

चिंतामन गणेश मंदिर आस्था के साथ बजट आधारित वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में तेजी से उभर रहा है। मंदिर समिति द्वारा यहां मात्र 3200 रुपये में वैदिक परंपरा अनुसार विवाह की व्यवस्था है। देशभर से बड़ी संख्या में लोग मांगलिक कार्य के लिए मंदिर पहुंच रहे हैं। इस वर्ष अब तक 570 से अधिक शादियां हो चुकी है। हालांकि मंदिर में जल, पान व भोजन प्रसादी का प्रबंध नहीं होने से बाहर से आने वाले लोगों को इधर उधर परेशान होना पड़ता है। भक्तों का कहना है कि मंदिर समिति को भक्तों की सुविधा के लिए नए प्रकल्प की शुरुआत करना चाहिए।



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