अब कैसी तबीयत है श्यामू की… महाकाल मंदिर समिति ने हाथी मालिक को चिट्ठी लिखकर पूछा हालचाल
समिति ने श्यामू हाथी के मालिक श्रवण गिरि महाराज को पत्र लिखकर हाथी के स्वास्थ्य की जानकारी मांगी है। दरअसल कुछ दिन पहले वन विभाग ने हाथी को बीमार बताक…और पढ़ें

HighLights
- श्रावण-भाद्रपद मास में 10 अगस्त से भगवान महाकाल की सवारी में शामिल होना है हाथी को
- वन विभाग व पशु चिकित्सकों के अनुसार हाथी बीमार, श्रावण गिरि बोले हाथी पूरी तरह स्वस्थ्य
- मादा हाथी श्यामू की सेहत को लेकर महाकाल मंदिर प्रबंध समिति गंभीर हो गई है
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। श्रावण-भाद्रपद मास में निकलने वाली भगवान महाकाल की सवारी में शामिल होने वाले मादा हाथी श्यामू की सेहत को लेकर महाकाल मंदिर प्रबंध समिति गंभीर हो गई है। समिति ने श्यामू हाथी के मालिक श्रवण गिरि महाराज को पत्र लिखकर हाथी के स्वास्थ्य की जानकारी मांगी है।
दरअसल कुछ दिन पहले वन विभाग ने हाथी को बीमार बताकर उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराया था। ऐसे में मंदिर समिति श्यामू के स्वास्थ्य की वास्तविक स्थिति जानना चाहती है, ताकि समय रहते वैकल्पिक इंतजाम किए जा सके।
महाकाल मंदिर की परंपरा अनुसार प्रतिवर्ष श्रावण-भाद्रपद मास की दूसरी सवारी से हाथी को शामिल किया जाता है। भगवान महाकाल मनमहेश रूप में हाथी पर सवार होकर भक्तों को दर्शन देने निकलते हैं। इस बार 3 अगस्त को श्रावण मास की पहली सवारी रहेगी।
पशु चिकित्सकों ने श्यामू के अस्वस्थ होने की जानकारी दी थी
10 अगस्त को दूसरी सवारी से श्यामू हाथी को शामिल किया जाना है। लेकिन हाल ही में वन विभाग और पशु चिकित्सकों ने श्यामू के अस्वस्थ होने की जानकारी दी थी। करीब एक पखवाड़े पहले उसके रक्त के नमूने लेकर जांच के लिए जबलपुर लेब में भेजे गए थे, जिनकी रिपोर्ट अभी तक प्राप्त नहीं हुई है।
इधर श्यामू के मालिक श्रवण गिरि महाराज ने बीमारी की आशंकाओं को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि श्यामू पूरी तरह स्वस्थ है, उसका खान-पान, व्यवहार और दिनचर्या पहले जैसी ही है। उनके अनुसार गुजरात के एक एनजीओ की शिकायत के बाद यह पूरा विवाद खड़ा हुआ है। उन्होंने इशारों में आरोप लगाया कि कुछ लोग साजिश रचकर हाथी को शहर से बाहर अन्यत्र भिजवाना चाहते हैं।
46 वर्षों से महाकाल की सेवा से जुड़ा है परिवार
श्रवण गिरि महाराज ने बताया कि उनके हाथियों का परिवार पिछले 46 वर्षों से भगवान महाकाल की सवारियों का अभिन्न हिस्सा रहा है। वर्ष 1980 से 2016 तक भगवान महाकाल की सवारी मादा हाथी रामू पर निकलती थी। 2016 में रामू की मृत्यु के बाद से यह जिम्मेदारी श्यामू निभा रही है।
उनका दावा है कि इस वर्ष भी बाबा महाकाल की राजसी सवारी में श्यामू ही शामिल होगा। श्रवण गिरि महाराज ने भावुक होते हुए कहा श्यामू मेरे बच्चे जैसे हैं। वर्षों से उसकी सेवा और देखभाल कर रहा हूं। कुछ लोग षड्यंत्र करके उसे मुझसे और भगवान महाकाल की सेवा से दूर करना चाहते हैं। मुझे भगवान महाकाल व प्रकृति के न्याय पर पूरा भरोसा है, एक दिन भगवान इस षड़यंत्र में शामिल दोषियों को दंड अवश्य देंगे।
हाथी मालिक को पत्र लिखा है
श्यामू हाथी सवारी में शामिल होता आ रहा है। स्वस्थ्य होने पर इस बार भी उसी को सवारी में शामिल किया जाएगा। हाथी के बीमार होने की जानकारी मिली थी। इसलिए उसे पालने वाले महाराज को पत्र लिखकर उसके स्वास्थ्य की जानकारी मांगी है। -प्रथम कौशिक, प्रशासक श्री महाकालेश्वर मंदिर
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