साधु बने भाई को खोजते हुए उज्जैन पहुंचा, तो पता चला उसे समाधि दे दी; हत्या का आरोप लगा वापस निकलवाया शव
उज्जैन के मंगलनाथ मंदिर के सामने कुटिया में रहने वाले साधु गंगेश्वर गिरी उर्फ सुनील जोशी की मौत का मामला सामने आया है। …और पढ़ें

HighLights
- जावरा निवासी भाई अनिल जोशी बुधवार को भाई को खोजते उज्जैन शहर पहुंचा था
- फूल-प्रसाद बेचने वालों ने बताया कि साधु की मौत हो चुकी है और उसे समाधि दे दी गई है
- 10 जून को आखिरी बार मोबाइल पर बात हुई थी, उसके बाद फोन बंद था
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। मंगलनाथ मंदिर के सामने कुटिया में रहने वाले साधु के लापता होने पर उसका भाई तलाशते हुए उज्जैन पहुंचा था। भाई को क्षेत्र के लोगों ने बताया कि साधु की मौत हो गई है, उसे समाधि दे दी गई है। चिमनगंज पुलिस ने समाधि खोदकर शव को पोस्टमार्टम के लिए पहुंचाया है। शनिवार को पीएम होगा।
पुलिस ने बताया कि गंगेश्वर गिरी उर्फ सुनील जोशी निवासी जावरा ने वर्ष 2010 में नीमच में भास्करानंद महाराज से दीक्षा ले ली थी। इसके बाद सुनील साधु बन गया था। हालांकि इसके बाद भी वह अपने परिवार के लोगों से संपर्क में था। बुधवार को गंगेश्वर गिरि का भाई अनिल जोशी जावरा से उज्जैन पहुंचा था।
10 जून को आखिरी बार मोबाइल पर बात हुई थी
उसने चिमनगंज पुलिस को शिकायत की थी कि उसका भाई गंगेश्वर गिरी लापता हो गया है। 10 जून को उससे मोबाइल पर बात हुई थी। इसके बाद से उससे संपर्क नहीं हो पाया है। उसका मोबाइल भी बंद आ रहा है। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर ली थी।
भाई अनिल ने मंगलनाथ मंदिर क्षेत्र में फूल-प्रसाद बेचने वाले लोगों को अपने भाई की फोटो दिखाई तो लोगों ने उसे बताया कि गंगेश्वर गिरि की तो मौत हो चुकी है। उसे मंगलनाथ मंदिर के सामने मलानी बाबा की कुटिया के पास समाधि दे दी गई है। इसके बाद शुक्रवार को अनिल चिमनगंज थाने पहुंचा और घटनाक्रम की जानकारी दी थी।