2935 करोड़ रुपये से बनने वाला 48 किमी लंबा इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर सिंहस्थ-2028 की यातायात व्यवस्था मजबूत कर विकास को देगा गति
करीब 2935 करोड़ रुपये से बनने वाला यह 48 किलोमीटर लंबा फोरलेन कॉरिडोर सिंहस्थ-2028 की यातायात व्यवस्था को मजबूत करने के साथ ही मालवा क्षेत्र के विकास …और पढ़ें

HighLights
- निर्माण इंदौर के पितृ पर्वत क्षेत्र से उज्जैन के चिंतामन गणेश मंदिर के समीप स्थित सिंहस्थ बायपास तक होगा
- वर्तमान में इंदौर और उज्जैन के बीच यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है
- ऐसे में नया कॉरिडोर दोनों शहरों के बीच यात्रा को अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएगा
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं में शामिल इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का भूमिपूजन शनिवार को किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सांवेर विधानसभा क्षेत्र के चंद्रावतीगंज में सुबह इस परियोजना का भूमिपूजन किया। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट विशेष रूप से उपस्थित रहे।
करीब 2935 करोड़ रुपये से बनने वाला यह 48 किलोमीटर लंबा फोरलेन कॉरिडोर सिंहस्थ-2028 की यातायात व्यवस्था को मजबूत करने के साथ ही मालवा क्षेत्र के विकास को नई गति देगा। कॉरिडोर का निर्माण इंदौर के पितृ पर्वत क्षेत्र से उज्जैन के चिंतामन गणेश मंदिर के समीप स्थित सिंहस्थ बायपास तक किया जाएगा।
वर्तमान में इंदौर और उज्जैन के बीच यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में नया कारिडोर दोनों शहरों के बीच यात्रा को अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएगा। उज्जैन में हर 12 वर्ष में आयोजित होने वाले सिंहस्थ मेले में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। ऐसे में इंदौर एयरपोर्ट से उज्जैन तक सीधी और निर्बाध कनेक्टिविटी उपलब्ध होने से श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी। इससे पारंपरिक मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा और यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी।
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी, 917 किसानों की 242.939 हेक्टेयर भूमि प्रभावित
परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी लगभग पूरी हो चुकी है। इसके तहत 917 किसानों की करीब 242.939 हेक्टेयर भूमि प्रभावित हुई है। प्रभावित किसानों को 816 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा वितरित किया गया है। प्रशासन के अनुसार किसानों को कलेक्टर गाइडलाइन के बजाय वास्तविक बिक्री दरों के आधार पर चार से आठ गुना तक अधिक मुआवजा दिया गया है, जिसे प्रदेश में भूमि अधिग्रहण का एक अभिनव मॉडल माना जा रहा है।
इंदौर जिले के 20 तथा उज्जैन जिले के 8 गांव सीधे तौर पर जुड़ेंगे
ग्रीन फील्ड कारिडोर से इंदौर जिले के 20 तथा उज्जैन जिले के 8 गांव सीधे तौर पर जुड़ेंगे। इसके अलावा आसपास के 40 से 50 गांवों के लगभग 15 लाख लोगों को बेहतर संपर्क सुविधा का लाभ मिलेगा। इससे कृषि, व्यापार, शिक्षा और रोजगार से जुड़े आवागमन में भी आसानी होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना केवल सिंहस्थ की जरूरतों को पूरा करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इंदौर-उज्जैन क्षेत्र में औद्योगिक निवेश, पर्यटन गतिविधियों और व्यापारिक विस्तार के नए अवसर भी पैदा करेगी। सरकार इसे मालवा अंचल के विकास की एक महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजना के रूप में देख रही है, जो आने वाले वर्षों में क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा देने का काम करेगी।
तथ्य एक नजर में
- परियोजना लागत : 2935 करोड़ रुपये
- कुल लंबाई : 48 किलोमीटर
- प्रभावित किसान : 917
- अधिग्रहित भूमि : 242.939 हेक्टेयर
- वितरित मुआवजा : 816 करोड़ रुपये से अधिक
- लाभान्वित आबादी : करीब 15 लाख
- सीधे जुड़ने वाले गांव : 28 (इंदौर 20, उज्जैन 8)
- उद्देश्य : सिंहस्थ-2028 के लिए तेज और सुगम कनेक्टिविटी तथा क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा।