महाकाल मंदिर के गर्भगृह में दर्शन करने पहुंचे लोग, सांसद फिरोजिया भड़के
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में आम भक्तों को लंबा पैदल चलने के बाद 50 फीट दूर से भगवान महाकाल के दर्शन हो रहे हैं। वहीं कुछ रसूखदार गर्भगृह से भगवान महाकाल के दर्शन कर रहे हैं।
15 जून को दोपहर में कुछ प्रभावशाली लोगों के गर्भगृह में प्रवेशकर भगवान महाकाल के दर्शन करने का ऐसा ही एक मामला सामने आया है। सांसद अनिल फिरोजिया ने इसकी कड़ी निंदा की है।
उन्होंने कहा कि अफसर पद का दुरुपयोग कर आम भक्तों के साथ भेदभाव कर रहे हैं, इन्हें सब यहीं भुगतना पड़ेगा।
सांसद फिरोजिया ने कहा कि महाकाल मंदिर में वीआईपी कल्चर हावी है। इसका मैं घोर विरोधी हूं। आज भी मैं आम भक्तों के साथ लाइन में लगकर ही भगवान के दर्शन करता हूं।
मेरी माताजी बीते 60 साल से भगवान महाकाल के दर्शन करने जा रही है, मेरे आग्रह पर वे भी नंदी मंडपम के पीछे से ही दर्शन करती हैं। भगवान के लिए कोई राजा या रंक नहीं होता है।
आज अगर यह छह लोग गर्भगृह में जाकर भगवान महाकाल के दर्शन कर सकते हैं तो आम भक्तों को भगवान से दूर क्यों रखा जा रहा है। यह तो प्रशासन की भेदभाव पूर्ण नीति है, अधिकारी यह बात क्यों भूल जाते हैं मरने के बाद सबसे महाकाल की शरण में जाना है।
दो घंटे रोज गर्भगृह में प्रवेश शुरू करे सरकार
सांसद अनिल फिरोजिया ने कहा कि प्रतिदिन दो घंटे सामान्य दर्शनार्थियों को भी गर्भगृह में प्रवेश देना चाहिए। इस संबंध में मैंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से भी अनुरोध किया है। भगवान महाकाल के जलाभिषेक का विशेष महत्व है। इसलिए आम भक्तों को भी गर्भगृह में जाकर जल चढ़ाने का अवसर मिलना चाहिए। जिस दिन गर्भगृह में प्रवेश शुरू होगा मैं भी सामान्य दर्शनार्थी की तरह भीतर जाकर बाबा महाकाल का जलाभिषेक करूंगा।
ये है पूरा मामला
सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें वायरल हो रही हैं। इसमें 15 जून को छह लोगों के गर्भगृह में दर्शन करते बताया गया है। इसी मामले को लेकर सांसद ने अपनी आपत्ति जताते हुई नाराजगी व्यक्त की है।