उज्जैन में श्री कालभैरव लोक के लिए जमीन की जरूरत, किसानों से चर्चा कर रहे अधिकारी
उज्जैन में महाकाल लोक के बाद अब श्रीकाल भैरव लोक बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। मंदिर विस्तार के लिए 10 हेक्टेयर से ज्यादा निजी जमीन और 9 हेक्टेयर सरक …और पढ़ें

HighLights
- प्रशासनिक अधिकारियों ने आस-पास के 30 से ज्यादा किसानों से चर्चा की
- सिंहस्थ 2028 में श्रीकालभैरव मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ेगी
- सुगम दर्शन पथ, पार्किंग, अलग वीआईपी प्रवेश, पेयजल सुविधा बनेगी
डिजिटल डेस्क, उज्जैन। मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में महाकाल लोक के बाद अब श्रीकाल भैरव लोक बनाने के लिए प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी है। उज्जैन में महाकाल मंदिर के बाद सबसे ज्यादा भक्तों की भीड़ काल भैरव मंदिर में ही होती है। ऐसे में भक्तों को सुगम दर्शन के लिए मंदिर का विस्तार किया जाएगा। उज्जैन के प्रशासनिक अधिकारियों ने आस-पास के किसानों से चर्चा और उन्हें इसके लिए जमीन देने के लिए समझाया।
श्रीकालभैरव लोक बनाने के लिए मंदिर के आस-पास 10 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन की आवश्यक्ता होगी। प्रशासन मंदिर के आस-पास की खेती की जमीन को इसके लिए लेना चाहता है, जिसके लिए किसानों से चर्चा की जा रही है। किसानों को इस पूरी प्रोजेक्ट की जानकारी दी गई है। कुछ किसानों ने प्रशासन को कहा है कि वे जमीन देने के लिए अपने परिवार के अन्य सदस्यों से पूछने के बाद ही निर्णय ले पाएंगे।
सिंहस्थ को लेकर चल रहे हैं विकास कार्य
सिंहस्थ 2028 को लेकर उज्जैन और आस-पास के इलाकों में विकास कार्य चल रहे हैं। सिंहस्थ के दौरान महाकाल मंदिर के साथ काल भैरव मंदिर में भी श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी। इसके लिए प्रशासन अभी से तैयारियों में जुट गया है। श्रीकाल भैरव लोक का निर्माण के लिए 120 करोड़ रुपये से अधिक के कार्य प्रस्तावित है। इसे बनाने के लिए 9 हेक्टेयर सरकारी जमीन के साथ 10 हेक्टेयर से ज्यादा निजी जमीन की भी जरूरत है।
30 से ज्यादा किसानों से प्रशासन ने जमीन के लिए की चर्चा
प्रशासनिक अधिकारियों ने मंदिर के आस-पास के 30 से अधिक किसानों के साथ बैठक भी की और उन्हें इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन देने के लिए समझाने की कोशिश। ऐसे में जमीन अधिग्रहण में समय लग सकता है, जिससे प्रोजेक्ट शुरू होने में देरी होगी।
श्रीकालभैरव लोक में भक्तों को मिलेगी यह सुविधा
- भक्तों को श्रीकालभैरव के आसानी से दर्शन हो सकें, इसके लिए सुगम रास्ता बनाया जाएगा
- मंदिर के आस-पास ट्रैफिक को रोकने के लिए पार्किंग व्यवस्था भी की जाएगी
- श्रीकालभैरव लोक के निर्माण में प्राचीन मंदिर में कोई बदलाव नहीं होगा
- आम श्रद्धालुओं और वीआईपी दर्शन व्यवस्था के लिए अलग-अलग प्रवेश द्वार बनेंगे
- श्रद्धालुओं के लिए पीने के पानी सहित अन्य व्यवस्थाएं भी की जाएंगी
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