उज्जैन की भैरवगढ़ जेल में कृष्णा गुरु के साथ 1000 कैदियों ने किया योग
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर रविवार को उज्जैन की केंद्रीय जेल भैरवगढ़ में योग गुरु कृष्णा गुरु के साथ जेल स्टाफ और एक हजार कैदियों ने योग किया। …और पढ़ें

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर रविवार को केंद्रीय जेल भैरवगढ़ में अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक चिंतक एवं योग गुरु कृष्णा गुरु के साथ जेल स्टाफ व एक हजार कैदियों ने योग किया। कृष्णा गुरु सोशल वेलफेयर सोसायटी के सानिध्य में आयुष मंत्रालय द्वारा निर्धारित कामन योग प्रोटोकाल अंतर्गत आयोजित इस विशेष योग सत्र में जेल में निरुद्ध महिला, पुरुष बंदियों ने योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।
विशेष योग सत्र का शुभारंभ करते हुए कृष्णा गुरु ने अष्टांग योग का उल्लेख करते हुए कहा कि यम और नियम आचरण को शुद्ध करते हैं, आसन शरीर को सशक्त बनाते हैं, प्राणायाम मन को शांत करता है, धारणा और ध्यान आत्मा से जोड़ते हैं तथा समाधि परमात्मा की अनुभूति का मार्ग प्रशस्त करती है। इसके पश्चात ध्यान सत्र आयोजित किया गया, जिसमें सभी बंदी भाई-बहन एकाग्रचित्त होकर बैठे।
वर्ष में केवल एक दिन योग करना योग विद्या के साथ न्याय नहीं
जेल परिसर में शांति, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण निर्मित हो गया। गुरुजी ने कहा कि हमने योग को केवल आसनों और प्रदर्शन तक सीमित कर दिया है। वर्ष में केवल एक दिन योग करना योग विद्या के साथ न्याय नहीं है। कार्यक्रम में जेल अधीक्षक मनोज साहू, डिप्टी जेलर सुरेश गोयल, राकेश बजाज, भारती मंडलोई, नितेश पटेल आदि मौजूद थे। समापन पर बंदी भाई बहनों को मिठाई का वितरण किया गया।
30 बंदियों को विघ्नहर्ता सम्मान प्रदान किया
कृष्णा गुरु सोशल वेलफेयर सोसायटी द्वारा जेल में रहकर अनुशासन, शिक्षा तथा योग के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 30 से अधिक बंदियों को विघ्नहर्ता अवार्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का एक और अहम पक्ष रहा अंतरराष्ट्रीय फादर डे के अवसर पर जेल में निरुद्ध बंदियों के बच्चों को भी सम्मानित किया गया, जो सर्वोच्च अंकों से पास हुए हैं। विद्यार्थियों को यह सम्मान उनके पिता के हाथों दिलवाया गया।