उज्जैन में महाकाल मंदिर में श्रावण की तैयारी, पहली बार सामान्य दर्शनार्थियों के लिए दो द्वार, 40 मिनट में होंगे दर्शन
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में श्रावण मास की तैयारी शुरू हो गई है। मंदिर प्रशासन ने भक्तों की सुविधा के लिए पहले से ही पर्याप्त इंतजाम कर लिए हैं। इस बार सामान्य दर्शनार्थियों को दो द्वारों से प्रवेश दिया जाएगा।
मंदिर प्रशासन ने श्रीमहाकाल महालोक के अलावा हरसिद्धि चौराहा से नया एंट्री गेट तैयार कर लिया है। इस व्यवस्था से भक्तों को मात्र 40 मिनट में भगवान महाकाल के दर्शन होंगे।
कावड़ यात्रियों के लिए भी जलाभिषेक व दर्शन की विशेष व्यवस्था की जा रही है। उल्लेखनीय है कि श्रीमहाकाल मंदिर में इस बार 30 जुलाई से सात सितंबर तक श्रावण-भाद्रपद महापर्व मनाया जाएगा।
इस पुण्य पवित्र मास में देशभर से लाखों भक्त भगवान महाकाल के दर्शन करने उज्जैन आएंगे। सावन-भादौ मास में प्रत्येक सोमवार को भगवान महाकाल की सवारी भी निकाली जाएगी।
इसके साथ ही प्रत्येक शनिवार गीत, संगीत व नृत्य से सजी छह शाम भी आयोजित होगी। इसमें स्थानीय के अलावा देश के राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार प्रस्तुति देंगे।
मंदिर प्रशासन ने उत्सव त्रिवेणी के इन प्रमुख अंगों पर ध्यान केंद्रित करते हुए करीब एक पखवाड़े पहले से तैयारी शुरू कर दी है। सबसे पहले दर्शन व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है।
महाकाल मंदिर के गर्भगृह में दर्शन करने पहुंचे लोग, सांसद फिरोजिया भड़के
हरसिद्धि चौराहा से प्रवेश, भीड़ नियंत्रण की रणनीति
- मंदिर प्रशासन को श्रावण-भाद्रपद मास के आम दिनों में तीन से चार लाख तथा शनिवार, रविवार व सोमवार को पांच से सात लाख भक्तों के आने का अनुमान है।
- इसी को देखते हुए भीड़ नियत्रण के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। भीड़ का दबाव एक स्थान से हटाकर दो तरह बांटा जाए।
- इसलिए मंदिर प्रशासन ने एक पखवाड़ा पहले से श्रीमहाकाल महालोक के साथ हरसिद्धि चौराहा से भी सामान्य व शीघ्र दर्शन टिकट वाले दर्शनार्थियों का प्रवेश शुरू कर दिया है।
- दर्शन मार्ग पर विक्रम टीले के समीप लड्डू प्रसाद काउंटर, शीघ्र दर्शन टिकट काउंटर, पूछताछ केंद्र, खोया-पाया केंद्र जैसी सुविधाएं भी मौजूद हैं।
- शनिवार, रविवार व सोमवार को अत्यधिक भीड़ वाले दिनों में आने वाले कावड़ियों को सामान्य दर्शनार्थियों के साथ कतार में लगकर भगवान महाकाल के दर्शन व जलाभिषेक करना पड़ेंगे।
भक्तों के लिए जल्दी जागेंगे भगवान महाकाल
- श्रावण-भाद्रपद मास में भगवान महाकाल भक्तों के लिए जल्दी जागेंगे। मंदिर की परंपरा अनुसार 30 जुलाई से सात सितंबर तक प्रति रविवार को रात 2.30 बजे मंदिर के पट खुलेंगे।
- इसके बाद भगवान महाकाल की भस्म आरती होगी। वहीं सप्ताह के शेष दिन रात तीन बजे मंदिर के पट खोले जाएंगे तथा भस्म आरती होगी।
- बता दें महापर्वों को छोड़कर वर्षभर में भगवान महाकाल तड़के चार बजे जागते हैं, इसके बाद भस्म आरती होती है।
- पर्व विशेष पर यह व्यवस्था इसलिए रहती है कि अधिक भक्तों को दर्शन का लाभ मिल सके।
श्रावण में महाकाल की सवारी कब-कब
-3 अगस्त : श्रावण की पहली सवारी
-10 अगस्त : श्रावण की दूसरी सवारी
-17 अगस्त : श्रावण की तीसरी सवारी
-24 अगस्त : श्रावण की चौथी सवारी
-31अगस्त : भाद्रपद की पहली सवारी
-07 सितंबर : श्रावण-भाद्रपद मास की राजसी सवारी