उज्जैन की निकिता मिस वर्ल्ड 2026 में करेंगी भारत का प्रतिनिधित्व, प्रतियोगिता 9 अगस्त से
उज्जैन की निकिता पोरवाल मिस वर्ल्ड 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड 2024 का खिताब जीत चुकीं निकिता 9 अगस्त से 5 सितंबर 2…और पढ़ें

HighLights
- मजबूत स्टेज प्रेज़ेंस और सामाजिक कार्यों के कारण उन्हें मजबूत दावेदार माना जा रहा है
- निकिता का सामाजिक अभियान ‘माटी मिशन’ ब्यूटी विद ए पर्पज राउंड में खास है
- निकिता 60 से ज्यादा नाटकों में अभिनय कर चुकी हैं और टीवी एंकर भी रह चुकी हैं
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। उज्जैन की निकिता पोरवाल, जिन्होंने फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड 2024 का खिताब अपने नाम किया था, अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रही हैं। वे मिस वर्ल्ड -2026 प्रतियोगिता में भारत की आधिकारिक प्रतिभागी होंगी। प्रतियोगिता 9 अगस्त 2026 से 5 सितंबर 2026 तक वियतनाम में होगी।
यह मिस वर्ल्ड का 75वां वर्षगांठ संस्करण होगा, जिससे इस आयोजन का महत्व और भी बढ़ जाता है। निकिता पोरवाल को लेकर देशभर में उत्साह का माहौल है। उनकी मजबूत स्टेज प्रेज़ेंस, आत्मविश्वास और सामाजिक कार्यों के कारण उन्हें एक मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार भारत के लिए ताज जीतने की संभावनाएं पहले से अधिक मजबूत हो सकती हैं। मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में सबसे अहम राउंड ब्यूटी विद ए पर्पज माना जाता है। इसी के तहत निकिता का सामाजिक अभियान ‘माटी मिशन’ (माटी का अर्थ मिट्टी) बेहद खास माना जा रहा है।
समस्याओं को उजागर कराने का किया जा रहा प्रयास
इस मिशन का पूरा नाम है— माटी : एम्पावरिंग द कीपर्स ऑफ अवर रूट्स यानी हमारी जड़ों के संरक्षकों को सशक्त बनाना। इस मिशन का उद्देश्य आदिवासी समुदायों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों के जीवन में बदलाव लाना है। इसके तहत शिक्षा, कौशल विकास, आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक संरक्षण पर काम किया जा रहा है। साथ ही उनकी समस्याओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उजागर करने का प्रयास भी किया जा रहा है।
निकिता ने इस मिशन के लिए भारत के कई दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों का दौरा किया है। उन्होंने वहां महिलाओं और बच्चों के साथ समय बिताया, उनकी दिनचर्या को समझा और उनकी वास्तविक समस्याओं को जाना। इन्हीं अनुभवों के आधार पर उन्होंने इस सामाजिक पहल की नींव रखी।
निकिता की सबसे बड़ी ताकत यह
निकिता की सबसे बड़ी ताकत उनका थिएटर अनुभव है। वे 60 से अधिक नाटकों में अभिनय कर चुकी हैं, जिससे उनकी स्टेज पर पकड़ और आत्मविश्वास बेहद मजबूत हुआ है। इसके अलावा वे एक टीवी एंकर भी रह चुकी हैं। उन्होंने ‘कृष्ण लीला’ नामक नाटक भी लिखा है, जो उनकी रचनात्मक सोच को दर्शाता है। मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में केवल सुंदरता नहीं, बल्कि इंटरव्यू, पब्लिक स्पीकिंग, व्यक्तित्व और लगातार प्रदर्शन भी निर्णायक होते हैं।