महाकाल मंदिर को दान में मिले सोना-चांदी और आभूषणों का हो सत्यापन, उज्जैन महापौर ने कलेक्टर को लिखा लेटर


उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर के कोषागार में वर्षों से दान में जमा सोना, चांदी, आभूषण और अन्य बहुमूल्य सामग्री के सत्यापन की मांग तेज हो गई है।

Publish Date: Thu, 02 Jul 2026 09:15:46 AM (IST)Updated Date: Thu, 02 Jul 2026 09:25:00 AM (IST)

महाकाल मंदिर को दान में मिले सोना-चांदी और आभूषणों का हो सत्यापन, उज्जैन महापौर ने कलेक्टर को लिखा लेटर
श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग

HighLights

  1. पत्र लिखकर भौतिक सत्यापन, सूचीकरण और अद्यतन रिकॉर्ड तैयार करने का आग्रह किया है
  2. महापौर का कहना है कि श्रद्धालुओं के दान का पारदर्शी रिकॉर्ड जरूरी है
  3. 17 सितंबर 2023 को 6 सदस्यीय समिति गठित हुई थी, जिसकी अध्यक्षता महापौर को दी गई थी

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर के कोषागार में वर्षों से दान के रूप में जमा सोना, चांदी, आभूषण और अन्य बहुमूल्य सामग्री के सत्यापन के लिए महापौर मुकेश टटवाल ने मांग उठाई है। उन्होंने मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर रौशन कुमार सिंह को पत्र लिख मंदिर को दान में प्राप्त बहुमूल्य सामग्री का भौतिक सत्यापन, सूचीकरण और अद्यतन रिकॉर्ड तैयार कराने की कार्रवाई जल्द शुरू करने का आग्रह किया है।

उनका कहना है कि श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित दान सामग्री का पारदर्शी और व्यवस्थित रिकॉर्ड होना आवश्यक है, ताकि मंदिर की संपत्ति का सही आकलन हो सके और उसके संरक्षण व उपयोग में पारदर्शिता बनी रहे।

6 सदस्यी समिति का गठन

दरअसल, मंदिर प्रबंध समिति ने 17 सितंबर 2023 को दान में प्राप्त बहुमूल्य सामग्री के सत्यापन के लिए छह सदस्यीय समिति का गठन किया था। समिति को मंदिर कोषागार में रखे स्वर्ण, रजत और अन्य बहुमूल्य धातुओं एवं आभूषणों का भौतिक सत्यापन कर विस्तृत प्रतिवेदन तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हालांकि बाद में चुनाव आचार संहिता लागू होने से यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।

दोबारा पत्र लिखकर प्रक्रिया शुरू करने का अनुरोध

गठित समिति की अध्यक्षता महापौर मुकेश टटवाल को सौंपी गई थी। इसके अलावा मंदिर प्रबंध समिति के अशासकीय सदस्य प्रदीप गुरु, राजेंद्र शर्मा और राम शर्मा, मूल्यांकनकर्ता अतिन जड़िया तथा सहायक प्रशासनिक अधिकारी आर.के. तिवारी को समिति में शामिल किया गया था।

अब महापौर ने दोबारा पत्र लिखकर इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया को जल्द शुरू करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा है कि दान में मिली बहुमूल्य सामग्री का सत्यापन होने से मंदिर के पास उपलब्ध संपत्ति का स्पष्ट और अद्यतन रिकॉर्ड तैयार होगा तथा श्रद्धालुओं के बीच पारदर्शिता और विश्वास भी बढ़ेगा।



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