श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या पर रेलवे की नजर, देश के 72 स्टेशनों के सर्वे में उज्जैन भी शामिल
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। महाकाल की नगरी उज्जैन में पर्व, त्योहार और विशेष अवसरों पर उमड़ने वाली भारी भीड़ अब अध्ययन का विषय बन गया है। रेल मंत्रालय ने देश के 72 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन और यात्री व्यवहार के वैज्ञानिक अध्ययन का निर्णय लिया है। इस सूची में रतलाम मंडल के उज्जैन व सीहोर रेलवे स्टेशनों को भी शामिल किया गया है।
अध्ययन का जिम्मा रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनामिक सर्विस (राइट्स) को सौंपा गया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार उज्जैन देश के उन प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है, जहां महाशिवरात्रि, श्रावण-भादो मास, नागपंचमी, सोमवती अमावस्या और सिंहस्थ जैसे आयोजनों के दौरान लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं।
ऐसे अवसरों पर स्टेशन पर यात्रियों का दबाव सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ जाता है। अध्ययन का उद्देश्य यह समझना है कि भीड़ कब और किन परिस्थितियों में बढ़ती है तथा उसे बेहतर तरीके से कैसे नियंत्रित किया जा सकता है।
प्लेटफार्म और ट्रेनों का विश्लेषण किया जाएगा
राइट्स द्वारा किए जाने वाले अध्ययन में स्टेशन का दैनिक और विशेष अवसरों का फुटफाल, भीड़ के आगमन के प्रमुख स्रोत, सबसे अधिक दबाव वाले प्लेटफार्म और ट्रेनों का विश्लेषण किया जाएगा। इसके अलावा स्टेशन की संरचना, प्रवेश-निकास व्यवस्था, यात्री सुविधाएं और भीड़ नियंत्रण के मौजूदा उपायों का भी मूल्यांकन होगा।
अध्ययन के दौरान स्टेशन परिसर और आसपास के क्षेत्र का ड्रोन सर्वे कराया जाएगा। यात्रियों से फीडबैक लिया जाएगा, वहीं रेलवे प्रशासन के साथ जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से भी चर्चा कर भीड़ प्रबंधन से जुड़े अनुभव और चुनौतियों की जानकारी जुटाई जाएगी।
सिंहस्थ सहित बड़े आयोजनों पर यात्रियों के बढ़ने की संभावना
रेल मंत्रालय का मानना है कि हाल के वर्षों में धार्मिक आयोजनों, छुट्टियों और विशेष अवसरों पर रेलवे स्टेशनों पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए दीर्घकालिक रणनीति तैयार करना आवश्यक हो गया है।
अध्ययन की रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में स्टेशन डिजाइन, यात्री आवागमन, बैरिकेडिंग, प्रतीक्षा क्षेत्र, सूचना प्रणाली और आपदा प्रबंधन संबंधी व्यवस्थाओं में सुधार के सुझाव दिए जा सकते हैं। उज्जैन जैसे धार्मिक महत्व वाले स्टेशन को इस अध्ययन में शामिल किया जाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि सिंहस्थ 2028 सहित बड़े आयोजनों के दौरान यात्रियों की संख्या और बढ़ने की संभावना है।
उज्जैन स्टेशन पर क्या होगा अध्ययन?
- स्टेशन का कुल फुटफाल
- किन पर्वों पर सबसे अधिक भीड़
- किस प्लेटफार्म पर सबसे ज्यादा दबाव
- किन ट्रेनों में सबसे अधिक यात्री
- ड्रोन से स्टेशन क्षेत्र का सर्वे
- यात्रियों, रेलवे और प्रशासन का फीडबैक
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महत्वपूर्ण काम
राइट्स उज्जैन तथा सीहोर में भीड़ प्रबंधन के लिए होल्डिंग एरिया बना रही है। यहां भीड़ के व्यवहार, यात्री प्रवाह और प्रबंधन व्यवस्था का आकलन करेगी। सिंहस्थ 2028 में भीड़ नियंत्रण करने में यह महत्वपूर्ण होगा। – मुकेश कुमार पांडेय, पीआरओ, रतलाम मंडल