शेयर ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों की ठगी का भंडाफोड़, इंदौर के पॉश इलाके में चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर, पुलिस ने 4 को दबोचा


नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। जीवाजीगंज पुलिस ने इंदौर में शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह पर कार्रवाई की है। पुलिस ने इंदौर के विजय नगर क्षेत्र में फर्जी ब्रोकरेज कंपनी के कार्यालय पर दबिश देकर मुख्य संचालक सहित चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से लाखों की सामग्री जब्त की है।

टीआइ विवेक कनोडिया ने बताया कि सूरज राठौर निवासी राधामोहन की गली अंकपात मार्ग ने 25 मार्च को राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात व्यक्तियों द्वारा उसे शेयर मार्केट में ट्रेडिंग कर अधिक लाभ दिलाने का झांसा देकर 70 हजार रुपये की ठगी की गई है। जीवाजीगंज पुलिस ने मामले की जांच की थी।

तकनीकी जांच और डिजिटल फुटप्रिंट से मिला सुराग

तकनीकी एवं मैनुअल जांच में मोबाइल नंबर, बैंक खातों, यूपीआइ ट्रांजेक्शन एवं डिजिटल फुटप्रिंट के आधार पर शिकायत सही पाए जाने पर धारा 319(2), 318(4), 3(5) भारतीय न्याय संहिता एवं 66-डी आइटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। जांच के दौरान प्राप्त मोबाइल नंबरों एवं बैंक खातों के विश्लेषण के बाद पुलिस ने सौरभ यादव पुत्र विजय यादव उम्र 25 वर्ष निवासी न्यू गौरी नगर मिलन होटल के पास थाना हीरानगर जिला इंदौर की पहचान की थी। पुलिस ने यादव को गिरफ्तार कर पूछताछ की थी। जिसमें उसके द्वारा फर्जी शेयर ट्रेडिंग नेटवर्क के संचालन की जानकारी दी थी।

इंदौर के फर्जी कॉल सेंटर पर पुलिस की दबिश

सौरभ से मिली सूचना के आधार पर उज्जैन की जीवाजीगंज पुलिस ने इंदौर के विजय नगर क्षेत्र के आर्बिट आल के पीछे पीयू-4 क्षेत्र स्थित प्लाट नंबर 230 की एक मल्टी के तृतीय तल पर ऐलिस ब्लू ब्रोकरेज फर्म के नाम से संचालित फर्जी कार्यालय पर दबिश दी थी। जहां एक व्यवस्थित कॉल सेंटर व आफिस संचालित किया जा रहा था।

पुलिस ने मौके से मुख्य संचालक अरुण पुत्र इमृतलाल लोधी उम्र 27 वर्ष निवासी ग्राम मामोनीखुर्द तहसील करेरा जिला शिवपुरी हाल मुकाम स्मार्ट लिविंग पेरीडाट देवास नाका जिला इंदौर व उसके सहयोगी नीरज पुत्र मुंशी उम्र 33 वर्ष निवासी ग्राम मामोनीखुर्द तहसील करेरा जिला शिवपुरी हाल मुकाम ग्राम मामोनीखुर्द तहसील करेरा जिला शिवपुरी को गिरफ्तार किया है।

भारी मात्रा में बेनामी सिम और कंप्यूटर उपकरण जब्त

साथ ही राहुल पुत्र राधेश्याम पाटीदार उम्र 31 वर्ष निवासी ग्राम कालूखेड़ा तहसील सारंगपुर जिला राजगढ़ हालमुकाम स्कीम नंबर 78 इंदौर तथा सौरभ पुत्र विजय यादव उम्र 25 वर्ष निवासी न्यू गौरी नगर मिलन होटल के पास हीरा नगर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कार्यालय से छह बेनामी सिम कार्ड, स्टेट बैंक एवं जना बैंक के तीन बेनामी डेबिट कार्ड, 15 कम्प्यूटर यूनिट, 19 मानिटर, मोबाइल फोन, राउटर, कीबोर्ड, माउस के अलावा कई लोगों के डिमेट खाते की जानकारी, मोबाइल व बैंक विवरण मिला है।

फोन कर निवेश का झांसा देकर करते थे ठगी

टीआइ कनोडिया के अनुसार फर्जी कंपनी में लगभग 10-12 कर्मचारी कार्यरत हैं। कर्मचारियों को स्क्रिप्ट आधारित कालिंग कर निवेशकों को फंसाने का प्रशिक्षण दिया जाता था। विभिन्न स्रोतों से डिमेट अकाउंट धारकों एवं निवेशकों का डाटा खरीदा जाता था। महिंद्रा ट्रेडिंग नामक फर्जी एप का उपयोग कर निवेशकों को नकली ग्राफ एवं प्राफिट दिखाया जाता था।

फर्जी सिम कार्ड व बैंक खातों की जानकारी देने वाला फरार

पूछताछ में यह भी पता चला है कि फर्जी सिम कार्ड एवं बैंक खातों के डेबिट कार्ड उपलब्ध कराने वाला मिंटू उर्फ मयूर परिहार निवासी न्यू गौरी नगर जिला इंदौर, स्थायी पता कुमेदान मोहल्ला जिला टीकमगढ़ फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।

यह भी पढ़ें- मुरैना में खाकी पर उड़े नोट, महिला डांसरों के साथ थाना प्रभारी पर नोटों की न्यौछावर, वायरल वीडियो से मचा हड़कंप

ऐसे लेते थे झांसे में

  • इंटरनेट मीडिया व डाटा लीक के माध्यम से निवेशकों के मोबाइल नंबर प्राप्त किए जाते थे।
  • वाट्सएप काल व मैसेज के माध्यम से संपर्क कर शेयर मार्केट में भारी लाभ का लालच दिया जाता है।
  • शुरुआत में अधिकृत ट्रेडिंग एप डाउनलोड कराकर विश्वास जीता जाता था।
  • कमीशन बचाने का झांसा देकर महिंद्रा ट्रेडिंग नामक फर्जी एप डाउनलोड कराया जाता था।
  • फर्जी यूपीआइ आईडी के माध्यम से 20 हजार से एक लाख रुपये तक की राशि जमा करवाई जाती थी।
  • मोबाइल एप में निवेश पर अधिक लाभ दर्शाया जाता था।
  • जब निवेशक प्रॉफिट निकालने का प्रयास करता, तो विभिन्न बहाने बनाकर रोका जाता था।
  • निकासी के लिए अतिरिक्त राशि जमा कराने का दबाव बनाया जाता था।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *