शिवनवरात्र पर भगवान महाकाल ने श्रद्धालुओं को होलकर रूप में दिए दर्शन
महाशिवरात्रि पर देशभर से हजारों भक्त भगवान महाकाल के दर्शन करने उज्जैन आएंगे। मंदिर समिति ने सामान्य दर्शनार्थियों के लिए कर्कराज पार्किंग से प्रवेश क …और पढ़ें

HighLights
- एक लाख से अधिक भक्तों ने किए दर्शन
- आकर्षक रोशनी से दमक रहा महाकाल मंदिर
- आज मनमहेश रूप में होगा महाकाल का शृंगार
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में चल रहे शिवनवरात्र उत्सव के छठे दिन बुधवार को भगवान महाकाल का होलकर रूप में शृंगार किया गया। भक्त भगवान के दिव्य रूप के दर्शन कर मुग्ध हो गए। दिनभर में देशभर से आए एक लाख से अधिक भक्तों ने भगवान के दर्शन किए। उत्सव के सातवें दिन गुरुवार को भगवान का मनहेश रूप में शृंगार किया जाएगा।
महाकाल मंदिर में शिवनवरात्र का उल्लास छाया है। मंदिर आकर्षक विद्युत रोशनी से दमक रहा है। शहनाई की मंगल ध्वनि कानों में मिश्री घोल रही है। नारदीय संकीर्तन से हरि हर स्तुति का मंगलगान भक्तों को देवलोक में होने का अहसास करा रहा है।
बड़ी संख्या में उज्जैन पहुंच रहे भक्त
बारह ज्योतिर्लिंग में शिव भक्ति का ऐसा चरमोत्कर्ष केवल महाकाल के आंगन में ही देखने को मिल सकता है। इसकी अनुभूति के लिए प्रतिदिन देश विदेश से हजारों भक्त उज्जैन पहुंच रहे हैं। जैसे-जैसे महाशिवरात्रि नजदीक आ रही है आस्था का ज्वार बढ़ता जा रहा है।
भक्तों को अब इंतजार 14-15 फरवरी की दरमियानी रात 2.30 बजे का है जब महाशिवरात्रि के लिए मंदिर के पट खुलेंगे और भस्म आरती होगी। इसके बाद लगातार 44 घंटे तक दर्शन का सिलसिला चलता रहेगा। इस दौरान गर्भगृह में भगवान महाकाल की महापूजा होगी। 16 फरवरी को रात 11 बजे मंदिर के पट बंद होंगे।
महाशिवरात्रि पर रात 12 बजे लगेगी दर्शन के लिए कतार
महाशिवरात्रि पर देशभर से हजारों भक्त भगवान महाकाल के दर्शन करने उज्जैन आएंगे। मंदिर समिति ने सामान्य दर्शनार्थियों के लिए कर्कराज पार्किंग से प्रवेश की व्यवस्था की है। दर्शनार्थियों को विभिन्न पार्किंग स्थलों से कर्कराज तक पहुंचने के लिए निश्शुल्क बस चलाई जाएगी। भक्त 14 फरवरी की रात 12 बजे से दर्शन की कतार में लग सकेंगे। इससे पहले किसी को भी दर्शन की कतार में नहीं लगने दिया जाएगा।
होलकर स्वरूप में सजे श्री नीलकंठेश्वर महादेव
उज्जैन में श्री नीलकंठेश्वर महादेव भक्त मंडल द्वारा महाशिवरात्रि महोत्सव महापर्व मनाया जा रहा है। वेदाचार्य सपन व्यास के आचार्यत्व में श्री नीलकंठेश्वर महादेव का होलकर स्वरूप में पंचरत्नों से शृंगार किया गया।
सर्वप्रथम शिव परिवार का पूजन-अर्चन, केशर, चंदन, हरिद्रा समन्वित अभिषेक कर होलकर स्वरूप की राजसी पगड़ी, दिव्य अंगवस्त्र, रुद्राक्ष माला, मोती माणिक्य नवरत्न आभूषण दिव्य शृंगार किया तथा 11 ब्राह्मणों द्वारा मंगलाष्टक का पाठ किया गया। पश्चात महाआरती कर भजन संध्या के साथ प्रसादी वितरण की गई। रामायण पाठी देवेंद्र प्रताप व्यास सहित शिव भक्तों ने अनेक भजनों की प्रस्तुति दी।
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