मुआवजा विवाद में अटका जीवनखेड़ी-सिकंदरी फोरलेन निर्माण… किसानों ने विरोध में रुकवाया निर्माण


उज्जैन में सिंहस्थ के लिए बनाए जा रहे जीवनखेड़ी-सिकंदरी फोरलेन का निर्माण 4 गुना मुआवजे की मांग को लेकर रुक गया है।

Publish Date: Mon, 27 Jul 2026 09:49:54 AM (IST)Updated Date: Mon, 27 Jul 2026 09:49:54 AM (IST)

मुआवजा विवाद में अटका जीवनखेड़ी-सिकंदरी फोरलेन निर्माण... किसानों ने विरोध में रुकवाया निर्माण
जीवनखेड़ी-सिकंदरी फोरलेन पर विवाद, 84 किसानों की 4 गुना मुआवजे की मांग (प्रतीकात्मक फोटो)

HighLights

  1. 84 किसानों ने निर्माण कार्य रुकवाया
  2. सिंहस्थ फोरलेन प्रोजेक्ट प्रभावित
  3. मामला राज्य सरकार तक पहुंचा

डिजिटल डेस्क, उज्जैन। उज्जैन में सिंहस्थ के लिए बनाए जा रहे जीवनखेड़ी-सिकंदरी फोरलेन मार्ग का निर्माण मुआवजा विवाद के कारण रुक गया है। किसानों ने आपसी क्रय नीति-2014 में 4 गुना मुआवजे का प्रावधान नहीं होने का विरोध करते हुए निर्माण कार्य रुकवा दिया। चूंकि मामला राज्य सरकार के स्तर का है, इसलिए स्थानीय प्रशासन फिलहाल कोई निर्णय लेने की स्थिति में नहीं है।

सरकार से नीति में बदलाव की मांग

किसानों के विरोध के बाद संबंधित निगम ने प्रशासन को स्थिति से अवगत कराया। प्रशासन ने भी भोपाल स्तर पर पत्राचार कर आपसी क्रय नीति-2014 में भू-अर्जन की तरह 4 गुना मुआवजे का प्रावधान शामिल करने की मांग की है। अधिकारियों का मानना है कि इससे मुआवजे में समानता आएगी और रुका हुआ निर्माण कार्य दोबारा शुरू हो सकेगा।

सिंहस्थ यातायात के लिए अहम है फोरलेन

करीब 17 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही 2 किलोमीटर लंबी फोरलेन सिंहस्थ के दौरान यातायात व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस मार्ग के जरिए इंदौर रोड के ट्रैफिक को सीधे सिंहस्थ बायपास से जोड़ा जाएगा, जिससे नानाखेड़ा मार्ग पर वाहनों का दबाव कम होगा। परियोजना से 84 किसानों की जमीन प्रभावित हो रही है।

नए नियम के बाद बढ़ी मांग

किसानों ने पहले आपसी क्रय नीति-2014 के तहत जमीन देने की सहमति दे दी थी। हालांकि 22 अप्रैल 2026 को मध्य प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण पर 4 गुना मुआवजे का प्रावधान लागू कर दिया। इसके बाद जीवनखेड़ी-सिकंदरी मार्ग के लिए जमीन देने वाले किसानों ने भी समान मुआवजे की मांग शुरू कर दी और मांग पूरी नहीं होने पर निर्माण कार्य रुकवा दिया।

भू-अर्जन और क्रय नीति में अंतर बना विवाद की वजह

भू-अर्जन अधिनियम के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 4 गुना मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि आपसी क्रय नीति-2014 के तहत अब भी 2 गुना मुआवजा ही मिल रहा है। इसी अंतर के कारण कई विकास परियोजनाओं में विवाद सामने आ रहे हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि राज्य सरकार इस मामले में जल्द सकारात्मक निर्णय लेगी।



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