महाकाल अन्न क्षेत्र में रसोई गैस का संकट नहीं, पीएनजी पर बन रही प्रसादी
प्रतिदिन देशभर से भगवान महाकाल के दर्शन करने आने वाले करीब दस हजार श्रद्धालु यहां सुविधा पूर्वक भोजन कर रहे हैं। …और पढ़ें

राजेश वर्मा, उज्जैन। पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण रसोई गैस की किल्लत का असर फिलहाल उज्जैन में इतना नजर नहीं आ रहा है। शहर में 30 हजार से अधिक घरों में पाइप लाइन के जरिए पीएनजी (पाइप्ड नैच्यूरल गैस) पहुंच रही है। सौ से अधिक छोटे और मध्यम उद्योगों में भी इसकी आपूर्ति की जा रही है। श्री महाकालेश्वर अन्नक्षेत्र में भी इसी गैस पर भोजन प्रसादी बनाई जा रही है।
पीएनजी एक ऐसी प्राकृतिक गैस है, जो पाइप लाइन के जरिए घर, प्रतिष्ठान तथा उद्योगों तक पहुंचती है। खुले में ज्वलन शीलता के मामले में एलपीजी गैस की तुलना में इसका खतरा भी बहुत कम है। अधिक सुविधा जनक, सुरक्षित व सस्ती होने के कारण तेजी से इसके उपभोक्ता बढ़ रहे हैं। उज्जैन में अवंतिका गैस लिमिडेट द्वारा शहर में पीएनजी की सप्लाई की जा रही है।
भक्तों के लिए भोजन-प्रसादी बनाई जा रही है
शहर में 30 हजार से अधिक घरों में पीएनजी कनेक्शन है। इसके अलावा सौ से अधिक छोटे व मध्यम उद्योगों में भी गैस सप्लाई की जा रही है। महाकालेश्वर अन्नेक्ष में भी पीएनजी गैस पर ही भक्तों के लिए भोजन प्रसादी बनाई जा रही है। प्रतिदिन देशभर से भगवान महाकाल के दर्शन करने आने वाले करीब दस हजार श्रद्धालु यहां सुविधा पूर्वक भोजन कर रहे हैं।
देश में कई बड़े मंदिरों में जहां गैस सिलेंड कर का उपयोग होता था, वहां के प्रसादालयों में भले ही गैस का संकट दिखाई दे रहा है लेकिन महाकाल मंदिर में दर्शनार्थियों को बिना किसी परेशानी के भोजन प्रसादी की निश्शुल्क सेवा मिल रही है।
आपूर्ति जारी रहेगी, दाम बढ़ने के भी आसार नहीं
अवंतिका गैस लिमिटेड कंपनी के मीडिया प्रबंधक सुमित कुमार ने बताया समुद्र मार्ग के जरिए जहाज से जो गैस आयात की जाती है, उनकी आपूर्ति पर संकट संभव हो सकता है, लेकिन पीएनजी पाइप लाइन में जरिए सप्लाय होती है। ऐसे में इस पर फिलहाल किसी प्रकार का संकट नहीं है। वर्तमान परिस्थिति में इसके दाम बढ़ने की संभावना भी ना के बराबर है। कोरोना काल की तरह युद्ध के इस संकट में भी उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार से घबराने की आवश्यकता नहीं है।
वाहन चालक भी नहीं होंगे परेशान
पीएनजी की तरह सीएनजी की भी भरपूर उपलब्धता है। सीएनजी वाहन चालकों को भी किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होगी। पेट्रोल की तुलना में सस्ती गैस मिलती रहेगी।
मॉनिटरिंग नहीं, घरेलू गैस का हो रहा उपयोग
शहर में साठ फीसद होटल, रेस्टोरेंट, शादी समारोह तथा सड़क किनारे चाय, नाश्ता विक्रय करने वाले ठेलों पर घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग हो रहा है। बावजूद इसके कुछ लोग व्यवसायिक सिलेंडर का संकट बताकर खाने पीने की वस्तुओं के दाम बढ़ाने की बात कर रहे हैं। खाद्य विभाग जांच करें कि जो लोग व्यवसायिक सिलेंडर का संकट बताकर सरकार पर दबाव व उपभोक्ता की जेब पर भार डालना चाहते हैं, क्या वे वास्तव में व्यवसायिक गैस सिलेंडर का उपयोग कर रहे हैं।
यह भी जानें
- उज्जैन में पीएनजी के घरेलू गैस कनेक्शन : 30 हजार से अधिक
- उज्जैन में पीएनजी के व्यवसायिक कनेक्शन : 100 से अधिक
पीएनजी, सीएनजी गैस के दाम उज्जैन में
- घरेलू पीएनजी – 54 रुपये प्रति एससीएम
- उद्योग को पीएनजी – 61.51 रुपये प्रति एससीएम
- व्यवसायिक को पीएनजी – 65.89 रुपये प्रति एससीएम
- सीएनजी – 93.5 रुपए प्रति किलो
उज्जैन में सीएनजी एवं पीएनजी की प्रतिमाह खपत
2300 एमएमबीटीयू (मिलियन मैट्रिक ब्रिटिश थर्मल यूनिट)