बीकाॅम की परीक्षा देने बैठी बीटेक की छात्रा, उज्‍जैन के सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में साल्वर गैंग का खुलासा


स्कूल आफ स्टडीज इन कामर्स में बीकाम छठे सेमेस्टर की परीक्षा चल रही थी। इसी दौरान कक्ष क्रमांक 10 की ए-1 सीट पर बैठी छात्रा पर संदेह हुआ। जब दस्तावेज औ …और पढ़ें

Publish Date: Mon, 04 May 2026 10:36:16 PM (IST)Updated Date: Mon, 04 May 2026 10:40:01 PM (IST)

बीकाॅम की परीक्षा देने बैठी बीटेक की छात्रा, उज्‍जैन के सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में साल्वर गैंग का खुलासा
सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय।

HighLights

  1. जांच में पता चला वह सपना भदौरिया छात्रा की जगह परीक्षा देने आई थी।
  2. असली छात्रा से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन मोबाइल बंद मिला।
  3. इससे साफ हो गया कि मामला पहले से प्लान कर के अंजाम दिया गया था।

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में सोमवार को चल रही बीकाम परीक्षा के दौरान बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। एक छात्रा की जगह दूसरी छात्रा परीक्षा देते रंगे हाथों पकड़ ली गई। जांच में जो कहानी सामने आई, उसने न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए, बल्कि संगठित सॉल्वर गैंग के सक्रिय होने की आशंका भी बढ़ा दी।

स्कूल आफ स्टडीज इन कामर्स में बीकाम छठे सेमेस्टर की परीक्षा चल रही थी। इसी दौरान कक्ष क्रमांक 10 की ए-1 सीट पर बैठी छात्रा पर संदेह हुआ। जब दस्तावेज और फोटो का मिलान किया गया, तो गड़बड़ी साफ नजर आई। पूछताछ में उसने अपना नाम प्रिशा साहू निवासी यादव नगर इंदौर बताया और खुद को बीटेक की छात्रा बताया। यहीं से पूरे मामले का खुलासा शुरू हुआ।

जांच में सामने आया कि वह सपना भदौरिया नाम की छात्रा की जगह परीक्षा देने आई थी। असली छात्रा से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उसका मोबाइल बंद मिला। इससे साफ हो गया कि मामला पहले से प्लान कर के अंजाम दिया गया था। इस फर्जीवाड़े का खुलासा भी एक सूचना के आधार पर हुआ।

एनएसयूआई के विश्वविद्यालय अध्यक्ष तरुण परिहार को पहले ही भनक लग गई थी कि किसी छात्रा की जगह कोई और परीक्षा देने पहुंचेगा। उन्होंने तुरंत अधिकारियों को अलर्ट किया, जिसके बाद टीम ने जांच कर उसे को पकड़ लिया। पूछताछ में प्रिशा ने बताया कि उसकी पहचान ऋषभ नाम के युवक से है।

उसकी बहन सपना की जगह उसे भेजा गया था। उसने खुलासा किया कि उस पर दबाव बनाकर कहा गया “अभी पेपर दे दो, बाकी बाद में सेट कर लेंगे।” उसे भरोसा दिलाया गया कि पहले भी ऐसे काम हो चुके हैं और कोई परेशानी नहीं होगी। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि बीटेक की छात्रा होने के बावजूद वह बिना हिचक बीकाम का पेपर देने बैठ गई। उसने बताया कि उसे सिर्फ परीक्षा हाल में बैठकर कापी में कुछ भी लिखना था, बाकी पूरा सेटअप पहले से तय था।

एफआईआर दर्ज, प्राक्टिरयिल बोर्ड में जाएगा मामला

मामले की गंभीरता को देखते हुए कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज मौके पर पहुंचे। नईदुनिया से कहा कि छात्रा के खिलाफ एफआइआर दर्ज करवा दी गई है। प्रकरण प्राक्टोरियल बोर्ड में जाएगा। इधर, जानकारों का कहना है कि इस घटना ने साफ कर दिया है कि विश्वविद्यालय परीक्षाओं में सेंध लगाने की कोशिशें अब संगठित तरीके से हो रही हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र को और मजबूत करने की जरूरत है, वरना मेहनती छात्रों के भविष्य पर सवाल खड़े होते रहेंगे।



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