डिजिटल आस्था… वीडियो कॉलिंग से करवा रहे भगवान मंगलनाथ की भातपूजा, प्रतिमाह 400 से अधिक भक्त ले रहे सुविधा का लाभ
डिजिटल माध्यमों के बढ़ते उपयोग ने भक्तों को महामंगल के दरबार से जुड़ने का नया रास्ता दिया है। जिसके चलते ऑनलाइन भातपूजा कराने वाले भक्तों की संख्या लग…और पढ़ें

HighLights
- प्रतिमाह औसतन 400 से अधिक श्रद्धालु ऑनलाइन पूजन करा रहे हैं
- एक साल पहले तक एक माह में 10-20 लोग ही ऑनलाइन भातपूजा कराते थे
- भारतीय ज्योतिष शास्त्र में मंगलनाथ मंदिर को मंगल ग्रह का जन्मस्थान माना गया है
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। मंगलनाथ मंदिर में आस्था और तकनीक का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। देश विदेश में रहने वाले श्रद्धालु घर बैठे भगवान मंगलनाथ की भातपूजा करा रहे हैं। डिजिटल माध्यमों के बढ़ते उपयोग ने भक्तों को महामंगल के दरबार से जुड़ने का नया रास्ता दिया है। जिसके चलते ऑनलाइन भातपूजा कराने वाले भक्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। प्रतिमाह औसतन 400 से अधिक श्रद्धालु ऑनलाइन पूजन करा रहे हैं। एक साल पहले तक एक माह में 10-20 लोग ही ऑनलाइन भातपूजा कराते थे।
भारतीय ज्योतिष शास्त्र में मंगलनाथ मंदिर को मंगल ग्रह का जन्मस्थान माना गया है। मंगल दोष निवारण, विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने तथा सुख-समृद्धि की कामना के लिए यहां भात पूजा कराने की परंपरा है। पहले इस पूजा के लिए श्रद्धालुओं को स्वयं उज्जैन आना पड़ता था, लेकिन अब ऑनलाइन सुविधा ने दूर-दराज में रहने वाले भक्तों की राह आसान कर दी है। प्रतिमाह लगभग 400 से अधिक भात पूजा, कालसर्प दोष, पंचागकर्म पूजन आनलाइन माध्यम से संपन्न हो रही हैं। श्रद्धालु मंदिर की वेबसाइट अथवा अन्य अधिकृत माध्यमों से पूजा बुक करवा रहे हैं। इसके बाद मंदिर के पुजारी विधि-विधान से पूजा संपन्न कराते हैं और पूजा का प्रसाद तथा पूजन सामग्री श्रद्धालुओं तक पहुंचाई जाती है।
वेबसाइट के माध्यम से करते हैं संपर्क
मंदिर प्रशासक कृष्ण कुमार पाठक ने बताया मंगलनाथ मंदिर की शासकीय वेबसाइट है। इसके माध्यम से मंदिर के महत्व तथा पूजन आदि की महत्वपूर्ण जानकारी भक्तों को दी जाती है। फिलहाल गेटवे पैमेंट की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण वेबसाइट पर भातपूजा की आनलाइन बुकिंग नहीं हो रही है। लेकिन भक्त वेबसाइट पर फ्लेश किए जाने वाले अधिकृत अधिकारियों के नंबर पर फोन कर आनलाइन पूजन की बुकिंग कराते हैं, जिन्हें मंदिर के पुजारियों के माध्यम से विधान पूर्वक आनलाइन पूजन कराई जाती है।
मंगलनाथ मंदिर में कराई जाने वाली पूजा
- सामान्य भातपूजा- 1100 रुपये, शासकीय रसीद- 150 रुपये : कुल राशि-1250
- नवग्रह पूजा-2100 रुपये, शासकीय रसीद- 200 रुपये : कुल राशि-2300
- कालसर्प दोष- 2100 रुपये, शासकीय रसीद-150 रुपये : कुल राशि- 2250
- पंचांग कर्म पूजा- 5100 रुपये, शासकीय रसीद 500 रुपये : कुल राशि- 5600
- जप अनुष्ठान पूजा- 11000 रुपये, शासकीय रसीद 1100 रुपये : कुल 12100
Ujjain News: उज्जैन के मंगलनाथ मंदिर में ऑनलाइन भातपूजा, सामने आया करोड़ों का घालमेल