उज्जैन से शुरू हुई रेलवे की नई व्यवस्था, ट्रैक तक बे-रोक पहुंच पर लगेगी रोक, 500km पटरी पर लगेंगे क्रैश बैरियर
रेलवे ने रतलाम, उज्जैन, इंदौर और भोपाल मंडल के करीब 500 किलोमीटर खुले रेलवे ट्रैक पर 3.50 फीट ऊंचे क्रैश बैरियर लगाने की शुरुआत कर दी है।

HighLights
- 500km ट्रैक पर लगेंगे बैरियर
- उज्जैन से काम की शुरुआत
- 3.50 फीट ऊंचे होंगे बैरियर
डिजिटल डेस्क, नईदुनिया। रेलवे ने ट्रैक पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। रतलाम, उज्जैन, इंदौर और भोपाल रूट के करीब 500 किलोमीटर खुले रेलवे ट्रैक के किनारे 3.50 फीट ऊंचे क्रैश बैरियर लगाए जाएंगे। इन बैरियर का उद्देश्य लोगों और मवेशियों की रेलवे पटरी तक सीधे पहुंच को रोकना है, ताकि हादसों की आशंका कम की जा सके।
उज्जैन से शुरू हुआ अभियान
रेलवे ने इस परियोजना की शुरुआत उज्जैन से कर दी है। शहर के नगरीय क्षेत्र के साथ-साथ आसपास के विभिन्न रेल मार्गों पर खुले हिस्सों को चिन्हित कर क्रैश बैरियर लगाने का कार्य शुरू किया गया है। जहां पहले से सुरक्षा व्यवस्था मौजूद है या ट्रैक तक सीधी पहुंच नहीं है, उन स्थानों को इस योजना से बाहर रखा जाएगा।
सिंहस्थ के दौरान मिलेगी बड़ी सुरक्षा
रेलवे का मानना है कि यह व्यवस्था सिंहस्थ के दौरान बेहद उपयोगी साबित होगी। सिंहस्थ में करोड़ों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं और अधिक भीड़ होने पर कई लोग सीधे रेलवे ट्रैक पार करने लगते हैं। क्रैश बैरियर लगने से ट्रैक तक अनधिकृत पहुंच पर काफी हद तक रोक लगेगी, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी और यात्रियों की सुरक्षा बेहतर होगी।
चिन्हित स्थानों पर होगा निर्माण
रेल मंडल ने ऐसे सभी स्थानों की पहचान कर ली है, जहां रेलवे ट्रैक तक बिना किसी रोक-टोक के पहुंचा जा सकता है। इन्हीं खुले हिस्सों पर चरणबद्ध तरीके से क्रैश बैरियर लगाए जाएंगे। पूरे मंडल क्षेत्र में लगभग 500 किलोमीटर रेलवे लाइन को इस सुरक्षा व्यवस्था के दायरे में लाया जाएगा।