उज्जैन में विक्रांत भैरव से उन्हेल रोड तक पांच किमी तक नापी शिप्रा, 18 नए घाट मार्ग किए चिह्नित
अधिकारियों ने शिप्रा नदी के घाटों का पैदल निरीक्षण किया। इस दौरान नए एप्रोच रोड और घाट पहुंच मार्गों के लिए 18 स्थान चिन्हित किए गए। …और पढ़ें

HighLights
- अधिकारियों ने शिप्रा नदी के घाटों का पैदल निरीक्षण किया
- पांच किलोमीटर हिस्से का भ्रमण कर नए एप्रोच रोड और घाट पहुंच मार्गों के लिए 18 स्थान चिन्हित किए गए
- प्रशासन का फोकस इस बार श्रद्धालुओं को कम दूरी में सुरक्षित और आसान पहुंच उपलब्ध कराने पर है
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को लेकर प्रशासन लगातार जमीनी स्तर पर काम कर रहा है। सोमवार को लगातार तीसरे दिन सुबह 6 बजे संभागायुक्त एवं सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने शिप्रा नदी के घाटों का पैदल निरीक्षण किया। इस दौरान विक्रांत भैरव मंदिर से उन्हेल रोड क्षेत्र तक करीब पांच किलोमीटर लंबे हिस्से का भ्रमण कर नए एप्रोच रोड और घाट पहुंच मार्गों के लिए 18 स्थान चिन्हित किए गए।
तीन दिनों में प्रशासनिक टीम अब तक करीब 18 किलोमीटर लंबे शिप्रा तट क्षेत्र का पैदल निरीक्षण कर चुकी है। इस दौरान 60 से अधिक संभावित एंट्री पाइंट तय किए गए हैं, जहां से श्रद्धालुओं को सीधे घाट तक पहुंचाने के लिए एप्रोच रोड विकसित किए जाएंगे। प्रशासन का फोकस इस बार श्रद्धालुओं को कम दूरी में सुरक्षित और आसान पहुंच उपलब्ध कराने पर है। इसी के तहत हर 200 मीटर पर घाट तक पहुंचने का मार्ग विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा है।
सोमवार के निरीक्षण में अधिकारियों ने विक्रांत भैरव मंदिर, कालभैरव मंदिर के पीछे, मौनी बाबा आश्रम, मंगलनाथ मंदिर, अंगारेश्वर मंदिर, सिद्धवट, पारस तालाब और पुरानी गिट्टी खदान क्षेत्र सहित कई स्थानों का निरीक्षण किया। इन क्षेत्रों में निर्माणाधीन और प्रस्तावित घाटों को मुख्य मार्गों तथा पार्किंग क्षेत्रों से जोड़ने के लिए नए रास्तों का चयन किया गया।
निर्देश- एप्रोच रोड का निर्माण तय स्थानों पर ही किया जाए
संभागायुक्त आशीष सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एप्रोच रोड का निर्माण तय स्थानों पर ही किया जाए और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें। उन्होंने भैरवगढ़ क्षेत्र में पुरानी गिट्टी खदान के पास प्रस्तावित पार्किंग क्षेत्र को नए घाटों से जोड़ने के लिए रैंप आधारित मार्ग विकसित करने के निर्देश भी दिए। कहा कि सिंहस्थ महापर्व के दौरान अलग-अलग मार्गों से आने वाले श्रद्धालुओं को प्रस्तावित पार्किंग एरिया से नजदीक घाट तक पहुंचाने के लिए सुविधाजनक एप्रोच रोड़ का निर्माण किया जाएगा। जिससे श्रद्धालुओं को अधिक दूरी तक पैदल नही चलना पड़े और स्नान के लिए पहुंच मार्ग भी सरल हो।