उज्जैन में महाकाल की सवारी के मार्ग पर कंठाल चौराहे से छत्री चौक तक मार्ग चौड़ा करने का काम हुआ शुरू


नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। कंठाल चौराहे से छत्री चौक तक मार्ग चौड़ा करने को मकान-दुकान की तोड़ाई रविवार को शुरू हो गई। नगर निगम का अमला जैसे ही तोड़ाई के लिए मशीनें लेकर पहुंचा प्रभावित परिवारों ने ज्यादा नुकसान से बचने को अपने स्तर पर ही श्रमिकों से मकान-दुकान की तोड़ाई शुरू करवा दी।

तोड़ाई के बाद मार्ग 15 मीटर चौड़ा किया जाएगा। ये हिस्सा श्रावण-भाद्रपद मास में निकलने वाली भगवान महाकाल की शाही सवारी का मुख्य मार्ग हैं, जो व्यावसायिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। यहां खान-पान से लेकर कपड़ों तक की कुछ ऐसी दुकानें हैं जो शहर में एक ब्रांड के रूप में पहचान बनाए है।

इसी मार्ग पर प्राचीन सती गेट और खड़े हनुमान का मंदिर है, जिनके प्रति लोगों की बड़ी आस्था है। बीते सिंहस्थ-2016 के पहले से इस मार्ग को चौड़ा करने की मांग उठती रही, मगर विभिन्न कारणों से चौड़ीकरण टलता गया।

16 करोड़ रुपये की योजना

इस बार इसे सिंहस्थ- 2028 से पहले चौड़ा करने का संकल्प लेकर नगर निगम मैदान में उतर चुका है। कुल 16 करोड़ की योजना है, जिसके तहत कोयला फाटक से कंठाल चौराहा और कंठाल चौराहे से छत्री चौक तक मार्ग चौड़ा किया जाना है। इस काम की शुरूआत लगभग आठ महीने पहले कोयला फाटक से कंठाल चौराहे तक मार्ग चौड़ीकरण के साथ की गई थी।

इस हिस्से में काफी काम अभी अधूरा है, जिससे क्षेत्रीय नागरिक कई बार महापौर मुकेश टटवाल को शिकायत भी दर्ज करा चुके हैं। वर्षाकाल करीब है और सिंहस्थ-2028 की टाइमलाइन भी नजदीक, इसलिए सारी कानूनी बाधाएं मिटाकर प्रशासन ने कंठाल चौराहे से छत्रीचौक तक के हिस्से में भी भवनों की तोड़ाई शुरू करवा दी है।

उम्मीद है इस साल अंत तक मार्ग पूरी तरह चौड़ा हो जाए, क्योंकि तय समय सीमा 18 महीनों में से 8 महीने से अधिक समय गुजर चुका है। अभी काम तेजी से न किया तो वर्षाकाल में जनता की मुसीबतें बढ़ सकती है।

महाकाल सवारी मार्ग पर मंडराया संकट

यह मार्ग धार्मिक दृष्टि से भी अत्यंत संवेदनशील है, क्योंकि यही बाबा महाकाल की सवारी का प्रमुख पथ है। आठ महीने की देरी और अब शुरू हुई नई तोड़फोड़ ने प्रशासन के सामने समय की चुनौती खड़ी कर दी है। यदि श्रावण-भाद्रपद मास से पहले सड़क का पक्का निर्माण नहीं हुआ और मलबे के ये ढेर नहीं हटाए गए, तो सवारी के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात का प्रबंधन करना प्रशासन के लिए मुश्किल होगा।

जनता का आक्रोश : ‘सिर्फ तोड़फोड़ नहीं, निर्माण भी हो’

स्थानीय रहवासियों ने नगर निगम की ‘ढीलपोल’ कार्यशैली पर भारी नाराजगी व्यक्त की है। लोगों का कहना है कि प्रशासन केवल तोड़ने में तत्परता दिखाता है, लेकिन निर्माण की फाइलें महीनों तक फाइलों में ही दबी रहती हैं। वर्तमान में स्थिति यह है कि पैदल चलने वालों के लिए भी रास्ता नहीं बचा है। गंदगी और सड़ांध ने स्वास्थ्य संबंधी खतरों को बढ़ा दिया है।

कंठाल से छतरी चौक तक तोड़फोड़ शुरू होना विकास की दिशा में एक कदम है, लेकिन यदि इसकी गति पिछले आठ महीनों जैसी ही रही, तो यह उज्जैन के सबसे प्रमुख व्यापारिक केंद्र के लिए ‘विनाशकारी’ साबित होगा। जनता अब केवल वादे नहीं, बल्कि धरातल पर जल्द से जल्द सड़क निर्माण की उम्मीद कर रही है।

व्यापार और पर्यटन को मिलेगा नया जीवन

कंठाल से छत्री चौक तक मार्ग चौड़ा होने के बाद इस क्षेत्र की तस्वीर बदलने की उम्मीद है। यातायात सुगम होगा, बाजार में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ेगी और व्यापार को नई रफ्तार मिलेगी। महाकाल दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों को भी बेहतर सुविधा मिलेगी। सिंहस्थ-2028 से पहले यह प्रोजेक्ट शहर की आधुनिक और सुव्यवस्थित पहचान मजबूत करेगा।

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