उज्जैन के क्लीनिक में बच्ची की मौत के बाद शुरू हुई जांच, 38 में से केवल 8 के पास मिला रजिस्ट्रेशन
उज्जैन की मंछामन कालोनी स्थित जनसेवा नोबल पाली क्लीनिक में शनिवार को ऑपरेशन के दौरान बच्ची की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। …और पढ़ें

HighLights
- बच्ची की मौत के बाद जागा स्वास्थ्य विभाग
- क्लीनिक के दस्तावेज न होने पर होगी सीलिंग
- उज्जैन में केवल 87 क्लीनिक ही रजिस्टर्ड है
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। मंछामन कालोनी स्थित जनसेवा नोबल पाली क्लीनिक में बच्ची की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की नींद खुली है। सीएमएचओ ने जिले के सभी अस्पतालों व क्लीनिक की जांच के आदेश जारी किए थे। सोमवार को दिनभर चार टीमों ने 38 अस्पतालों व क्लीनिकों की जांच की थी। इसमें चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। 38 में से मात्र आठ ही पंजीकृत अस्पताल व क्लीनिक मिले हैं, जबकि 30 अपंजीकृत मिले हैं।
सभी संचालकों को दस्तावेजों के साथ आवेदन कर पंजीकरण करवाने के निर्देश दिए गए है। दस्तावेज नहीं होने पर सील करने की कार्रवाई की जाएगी। मंछामन कालोनी स्थित जनसेवा नोबल पाली क्लीनिक में शनिवार को एक बालिका की ऑपरेशन के दौरान मौत हो गई थी। जांच में सामने आया था कि क्लीनिक पंजीकृत नहीं था।
पांच जांच दल बनाए गए
इसके बाद डॉ. अशोक पटेल ने जिले के समस्त ब्लाक मेडिकल ऑफिसर और मेडिकल ऑफिसर्स को निर्देश जारी किए थे कि वह अपने-अपने क्षेत्र में सतत निरीक्षण कर अवैधानिक रूप से संचालित अपंजीकृत क्लीनिक एवं अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। शहर में क्षेत्र में जांच के लिए पांच जांच दलों का गठन किया गया था।
सोमवार को चार टीमों ने शहरी क्षेत्र के 38 अस्पतालों व क्लीनिक की जांच की थी। जिसमें सामने आया कि मात्र 8 अस्पताल व क्लीनिक ही पंजीकृत है। जबकि 30 अपंजीकृत पाए गए हैं। सभी संचालकों को जल्द ही नियमानुसार दस्तावेजों के साथ सीएमएचओ कार्यालय में आवेदन कर पंजीकरण करवाने के आदेश जारी किए गए है।
उज्जैन जिले में 87 रजिस्टर्ड अस्पताल व क्लीनिक
सीएमएचओ डॉ. पटेल ने बताया कि बालिका की मौत के बाद जारी आदेश के तहत कार्रवाई शुरू की गई है। जिले में वर्तमान में मात्र 87 अस्पताल व क्लीनिक रजिस्टर्ड है। जबकि बगैर रजिस्टर्ड संचालित होने वाले अस्पताल व क्लीनिकों की संख्या कहीं अधिक है। जांच में इनकी संख्या स्पष्ट हो जाएगी। जिसके बाद सख्त अभियान चलाया जाएगा।