सिंहस्थ में उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बनेगा 6146 बेड का चिकित्सा नेटवर्क, 41 करोड़ की मेडिकल कार्ययोजना तैयार
महाकुंभ सिंहस्थ- 2028 में देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की सेहत की सुरक्षा के लिए लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 41 करोड़ रुपय…और पढ़ें

HighLights
- मेला क्षेत्र में 7 जोनल और 22 सेक्टर अस्पतालों का लगेगा अस्थायी जाल, जनवरी-2027 से धरातल पर उतरेगी योजना
- करोड़ों श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए बजट और ढांचा तो तैयार है, पर सबसे बड़ी चुनौती डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता बनी हुई है
- मेला क्षेत्र में अस्थायी अस्पतालों के निर्माण, अत्याधुनिक जीवन रक्षक उपकरणों और दवाओं का इंतजाम किया जाएगा
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। महाकुंभ सिंहस्थ- 2028 में देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की सेहत की सुरक्षा के लिए लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 41 करोड़ रुपये की मेडिकल कार्ययोजना तैयार की है, जिसमें 6146 बेड का विशाल चिकित्सा नेटवर्क खड़ा किया जाएगा। मेला क्षेत्र में अस्थायी अस्पतालों के निर्माण, अत्याधुनिक जीवन रक्षक उपकरणों और दवाओं का इंतजाम किया जाएगा। लेकिन इसी योजना के दस्तावेज एक बड़ा विरोधाभास भी उजागर करते हैं।
जिले के अस्पतालों में 1077 पद रिक्त हैं। यानी करोड़ों श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए बजट और ढांचा तो तैयार है, पर सबसे बड़ी चुनौती डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की उपलब्धता बनी हुई है। प्रस्तावित योजना के अनुसार, मेला क्षेत्र में त्वरित इलाज देने के लिए 20 बेड वाले 7 जोनल अस्पताल और 6 बेड वाले 22 सेक्टर अस्पताल खड़े किए जाएंगे। इसके अलावा, शहर की बाहरी सीमाओं पर बनने वाले 7 सैटेलाइट टाउन में भी 6-6 बेड के प्राथमिक चिकित्सा केंद्र होंगे। आपातकालीन हालातों से निपटने के लिए कालभैरव, मंगलनाथ, दत्तअखाड़ा, महाकाल और त्रिवेणी जोन में 50 मोबाइल फर्स्ट-एड टीमें 24 घंटे तैनात रहेंगी, जिनमें 350 स्वास्थ्य कर्मी तीन शिफ्टों में अपनी सेवाएं देंगे।

चिंताजनक: जिले के अस्पतालों में डॉक्टरों और स्टाफ का टोटा
एक तरफ जहां बुनियादी ढांचे को चमकाने की तैयारी है, वहीं दूसरी तरफ जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफ की भारी कमी सबसे बड़ा रोड़ा बनी हुई है। प्रशासनिक दस्तावेजों के आंकड़ों के मुताबिक, उज्जैन जिले में स्वास्थ्य विभाग के कुल 2636 पद स्वीकृत हैं, लेकिन इनमें से 1077 पद खाली पड़े हैं। यानी करीब 41 फीसदी स्वास्थ्य ढांचा खाली चल रहा है।
1403 पदों पर अतिरिक्त मानव संसाधन की अस्थायी तैनाती का ”एचआर प्लान”
अस्पतालों में कमी को पाटने के लिए सिंहस्थ के दौरान 1403 पदों पर अतिरिक्त मानव संसाधन की अस्थायी तैनाती का ”एचआर प्लान” तैयार किया गया है। इसमें 150 जनरल ड्यूटी डाक्टर, 150 नर्सिंग स्टाफ, 129 कंपाउंडर, 129 ड्रेसर और 108 लैब टेक्नीशियन बाहर से बुलाए जाएंगे।
यह भी जानिए
- 1 जनवरी 2027 से सिंहस्थ मेडिकल सेल की स्थापना और प्रशासनिक काम शुरू होंगे। जीवन रक्षक दवाओं, हाई-टेक उपकरणों और अस्पताल के फर्नीचर की खरीदी।
- जनवरी – 2028 से मेला क्षेत्र में जोनल, सेक्टर अस्पतालों और अस्थायी डिस्पेंसरियों का निर्माण।
- स्थायी सुविधाओं को बढ़ाने के लिए सिविल अस्पताल जीवाजीगंज को 20 बेड से 50 बेड के अस्पताल में अपग्रेड किया जा रहा है, जिस पर 17.10 करोड़ रुपये खर्च होंगे। भैरवगढ़ डिस्पेंसरी को भी 6 बेड है वाले शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। अधिकारियों का दावा है कि समय रहते सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी ताकि सिंहस्थ में आने वाले किसी भी श्रद्धालु को इलाज के लिए भटकना न पड़े।