श्रावण माह में किस मार्ग से निकलेगी महाकाल की सवारी, शयन आरती भक्त परिवार ने कलेक्टर को लिखा पत्र


उज्जैन शहर में पारंपरिक श्रावण सवारी मार्ग पर चौड़ीकरण, नाली, सीसी रोड और सीवरेज पाइप लाइन का काम चल रहा है।

Publish Date: Thu, 09 Jul 2026 08:01:56 AM (IST)Updated Date: Thu, 09 Jul 2026 08:15:11 AM (IST)

श्रावण माह में किस मार्ग से निकलेगी महाकाल की सवारी, शयन आरती भक्त परिवार ने कलेक्टर को लिखा पत्र
श्रावण मास में निकलने वाली महाकाल की सवारी। फाइल फोटो

HighLights

  1. श्रावण में निकलने वाली भगवान महाकाल की सवारी को लेकर भक्तों में असमंजस है
  2. भक्तों ने कलेक्टर से 3 अगस्त की पहली सवारी का मार्ग स्पष्ट करने की मांग की
  3. इस बार सवारी बड़े गणेश मंदिर से हरसिद्धि के रास्ते शिप्रा तक जा सकती है

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। भगवान महाकाल की सवारी के पारंपरिक मार्ग पर निर्माण कार्य चल रहे हैं। ऐसे में भक्तों के मन में जिज्ञासा है कि इस बार श्रावण-भाद्रपद मास में अवंतिकानाथ किस मार्ग से भक्तों को दर्शन देने निकलेंगे। भजन मंडल संचालकों को भी मार्ग की चिंता सताने लगी है। शयन आरती भक्त परिवार ने कलेक्टर को पत्र लिखकर सवारी मार्ग की जानकारी देने का अनुरोध किया है।

महेंद्र कटियार ने बताया सावन-भादौ मास में जिस पारंपरिक मार्ग से भगवान महाकाल की सवारी निकलती है, इन दिनों वह संपूर्ण मार्ग बदहाल है। आधे हिस्से में चौड़ीकरण के बाद नाली व सीसी रोड निर्माण चल रहा है। शेष हिस्से में सीवरेज प्रोजेक्ट के तहत पाइप लाइन बिछाने के लिए खोदाई की जा रही है। सवारी मार्ग के अलावा मुख्य मार्ग से जुड़ी गलियां भी पूरी तरह से उखड़ी पड़ी है।

सवारी के समय भीड़ नियंत्रण के लिए इन गलियों का उपयोग किया जाता है। 3 अगस्त को निकलने वाली पहली सवारी से पहले मार्गों की हालत दुरुस्त होती दिखाई नहीं देती है। इसलिए प्रशासन ने सवारी मार्ग की जानकारी देने के लिए पत्र लिखा है, ताकि भजन मंडल अपनी तैयारी कर सके।

नौ पारंपरिक मंडल को दी जाती है अनुमति

प्रतिवर्ष श्रावण-भाद्रपद मास की सवारी में जिला प्रशासन द्वारा पारंपरिक नौ मंडलों को सवारी में शामिल होने की अनुमति दी जाती है। हालांकि धार्मिक आयोजन में प्रशासन ज्यादा सख्ती नहीं बरता है, इसलिए सवारी के दौरान अनाधिकृत लोग भी प्रवेश कर जाते हैं। हर साल झांझ,डमरू बजाने वाले नए-नए ग्रुप शामिल होते हैं।

कुछ भजन मंडल एक से अधिक बड़े वाहन लेकर आते हैं, उन पर प्रतिबंध के बावजूद बड़े ध्वनि विस्तारक यंत्र लगाकर लाते हैं। कुछ भजन मंडलों में पालकी के साथ चलने की होड़ रहती है। प्रशासन द्वारा हर बार सवारी को लेकर नियम बनाए जाते है, लेकिन पालन नहीं हो पाता है।

संभावना : बड़े गणेश से हरसिद्धि के रास्ते निकलेगी सवारी

जैसे-जैसे श्रावण मास नजदीक आ रहा है भगवान महाकाल की सवारी को लेकर जन चर्चा तेज होती जा रही है। लोग सवारी मार्ग को लेकर कयास लगा रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि इस बार भगवान महाकाल की सवारी बड़ा गणेश मंदिर से हरसिद्धि के रास्ते शिप्रा तट पहुंचेगी। यह मार्ग सबसे व्यवस्थित है, कोरोना काल के समय इसी मार्ग से राजसी वैभव के साथ भगवान महाकाल की सवारी निकाली गई थी।



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