शनिवार रात 2.30 बजे खुलेंगे महाकाल मंदिर के पट, 44 घंटे तक होंगे दर्शन; यहां पढ़िए पूरी जानकारी


महाकाल मंदिर की पूजन परंपरा अनुसार महाशिवरात्रि के लिए शनिवार-रविवार की दरमियानी रात 2.30 बजे मंदिर के पट खुलेंगे, जो 16 फरवरी की रात 11 बजे बंद होंगे …और पढ़ें

Publish Date: Fri, 13 Feb 2026 11:12:36 PM (IST)Updated Date: Sat, 14 Feb 2026 06:14:05 AM (IST)

Mahashivratri 2026: शनिवार रात 2.30 बजे खुलेंगे महाकाल मंदिर के पट, 44 घंटे तक होंगे दर्शन; यहां पढ़िए पूरी जानकारी
महाकाल के दर्शन के लिए शनिवार रात 2:30 बजे से खुलेंगे मंदिर के पट

HighLights

  1. रात 12 बजे से दर्शन की कतार में लग सकेंगे श्रद्धालु
  2. श्रद्धालुओं को 40 मिनट में ही दर्शन कराने का दावा
  3. मंदिर के पट 16 फरवरी की रात 11 बजे बंद होंगे

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन: त्रिभुवन वंदिता अवंतिका में यूं तो हमेशा ही ज्ञान, भक्ति व उत्सवों का उल्लास छाया रहता है लेकिन इन दिनों यह नगरी विवाह का घर बनी हुई है। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में शिव पार्वती के विवाह की जोरदार तैयारी चल रही है। भक्तों को अब इंतजार शनिवार रात 2.30 बजे का है जब मंदिर के पट खुलेंगे और उन्हें त्रिलोकीनाथ भगवान महाकाल के दिव्य रूप के दर्शन होंगे।

महाकाल मंदिर की पूजन परंपरा अनुसार महाशिवरात्रि के लिए शनिवार-रविवार की दरमियानी रात 2.30 बजे मंदिर के पट खुलेंगे, जो 16 फरवरी की रात 11 बजे बंद होंगे। इस दौरान लगातार 44 घंटे भक्तों को भगवान महाकाल के दर्शन होंगे तथा गर्भगृह में महाकाल की महापूजा की जाएगी। भगवान के शीश सवा मन फल व फूलों से बना मुकुट (सेहरा) सजाया जाएगा।

दूल्हे राजा पर चांदी के सिक्के न्योछावर होंगे। प्रशासन ने महापर्व पर भक्तों के लिए सुगम दर्शन व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए हैं। सामान्य, 250 रुपये के शीघ्र दर्शन टिकट तथा वीआइपी भक्तों के लिए अलग-अलग द्वार से प्रवेश की व्यवस्था की गई है। सामान्य दर्शनार्थी शनिवार रात 12 बजे कर्कराज पार्किंग से दर्शन की कतार में लग सकेंगे। प्रशासन का दावा है कि भक्तों को 40 मिनट में सुविधापूर्वक भगवान महाकाल के दर्शन कराए जाएंगे।

दो दिन में कब क्या होगा

  • शनिवार रात 12 बजे मंदिर के पट खुलेंगे। पश्चात भगवान महाकाल की भस्म आरती होगी।
  • रविवार तड़के 4.30 बजे से दर्शन का सिलसिला शुरू होगा। भगवान पर जलधारा अर्पित की जाएगी।
  • रविवार सुबह 7.30 बजे बाल भोग तथा सुबह 10.30 बजे भोग आरती होगी।
  • रविवार दोपहर 12 बजे तहसील तथा शाम 4 बजे होलकर व सिंधिया स्टेट की ओर से पूजा होगी।
  • रात 11 बजे महानिषाकाल में महाकाल की महापूजा शुरू होगी जो रातभर चलेगी।
  • सोमवार तड़के 4 बजे भगवान के शीश फल व फूलों से बना मुकुट सजाया जाएगा।
  • सोमवार सुबह 5 से 10 बजे तक मुकुट दर्शन तथा दोपहर 12 बजे भस्म आरती होगी।
  • सोमवार दोपहर 2.30 भोग आरती के बाद महापर्व संपन्न होगा। पुजारियों का पारणा कराया जाएगा।
  • इसके बाद नित्य नैमित्तिक क्रम से पूजा अर्चना होगी तथा रात 11 बजे मंदिर के पट बंद होंगे।

जानिए…किसे कहां से मिलेगा प्रवेश

  • सामान्य दर्शनार्थी: कर्कराज पार्किंग से भील समाज की धर्मशाला, चारधाम मंदिर, शक्तिपथ के रास्ते श्री महाकाल महालोक से मंदिर में प्रवेश करेंगे।
  • शीघ्र दर्शन टिकट: 250 रुपये के शीघ्र दर्शन टिकट वाले श्रद्धालुओं को सम्राट अशोक सेतु तथा बड़े गणेश मंदिर के सामने वाले द्वार से प्रवेश दिया जाएगा।
  • वीवीआइपी: प्रोटोकाल के तहत आने वाले वीवीआइपी तथा पासधारी भक्तों को बेगमबाग मार्ग स्थित नीलकंठ द्वार से मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा।

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इन स्थानों पर पार्क करें वाहन

  • इंदौर से आने वाले वाहन चालक: प्रशांतिधाम, इंजीनियरिंग कालेज, इंपीरियल होटल के पास व हरिफाटक ओवरब्रिज के नीचे वाहन पार्क करेंगे।
  • मक्सी, बड़नगर से आने वाले वाहन: कार्तिक मेला ग्राउंड में पार्क किए जाएंगे।
  • आगर, बड़नगर व नागदा से आने वाले वाहन: राठौर तेली समाज की धर्मशाला, गुरुद्वारा प्रस्तावित अस्पताल मैदान, कृषि उपार्जन केंद्र पार्किंग में पार्क होंगे।

यह सुविधा निश्शुल्क

  • महाकाल अन्नक्षेत्र में भक्तों के लिए निश्शुल्क फलाहार की व्यवस्था रहेगी।
  • भक्तों को दर्शन मार्ग पर निश्शुल्क पेयजल, शौचालय की सुविधा मिलेगी।
  • प्रवेश द्वारों पर निश्शुल्क जूता स्टैंड तथा चिकित्सालय स्थापित किए हैं।

गूगल बताएगा सही रास्ता

महाशिवरात्रि पर देशभर से आने वाले अनुमानित भक्तों के लिए सुगम दर्शन व्यवस्था के इंतजाम किए जा रह हैं। डीएसपी दिलीप सिंह परिहार ने बताया कि दर्शनार्थी जाम में ना फंसे इसके लिए यातायात पुलिस व तकनीकी टीम मिलकर गूगल मैप को नियंत्रित करेगी। जिस रास्ते पर जाम लगा होगा या पार्किंग फुल हो जाएगी, उसे गूगल मैप दिखाएगा ही नहीं। इससे कहीं भी भीड़ एकत्रित होने की संभावना नहीं रहेगी।



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