महाकाल भक्तों के लिए बड़ी खुशखबरी, सावन 2026 दर्शन व्यवस्था पर अहम फैसला; जानें सवारी का पूरा शेड्यूल


इन अटकलों के बीच रविवार दोपहर मंदिर कार्यालय में कलेक्टर रौशन कुमार सिंह की अध्यक्षता में प्रशासनिक बैठक आयोजित हुई। बैठक के बाद प्रशासन ने परंपरा को बरकरार रखने का निर्णय लिया। बैठक में पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा, मंदिर प्रशासक एवं अपर कलेक्टर प्रथम कौशिक सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

40 दिन पहले खुलेंगे मंदिर के पट

श्रावण-भाद्रपद महापर्व के दौरान 30 जुलाई से 7 सितंबर तक लगातार 40 दिनों तक भगवान महाकाल मंदिर के पट आम दिनों की तुलना में एक से डेढ़ घंटे पहले खोले जाएंगे।

श्रावण मास में प्रत्येक रविवार को रात 2:30 बजे मंदिर के पट खुलेंगे, जिसके बाद भस्म आरती होगी। सप्ताह के बाकी दिनों में रात 3 बजे मंदिर के पट खुलेंगे और उसके बाद परंपरा के अनुसार भस्म आरती संपन्न होगी।

जानिए कब-कब निकलेगी महाकाल की सवारी

श्रावण और भाद्रपद मास में भगवान महाकाल की सवारी निम्न तिथियों पर निकलेगी-

– 03 अगस्त : श्रावण मास की पहली सवारी

– 10 अगस्त : श्रावण मास की दूसरी सवारी

– 17 अगस्त : श्रावण मास की तीसरी सवारी

– 24 अगस्त : श्रावण मास की चौथी सवारी

– 31 अगस्त : भाद्रपद मास की पहली सवारी

– 07 सितंबर : श्रावण-भाद्रपद मास की राजसी सवारी

यह रहेगा भगवान महाकाल की सवारी का मार्ग

प्रत्येक सोमवार को मंदिर के सभा मंडप में पूजन के बाद शाम 4 बजे भगवान महाकाल की सवारी नगर भ्रमण के लिए रवाना होगी। सवारी महाकाल घाटी, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी होते हुए शिप्रा के रामघाट पहुंचेगी। यहां पूजन के बाद सवारी रामानुजकोट, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, खाती समाज मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर और पटनी बाजार से होते हुए शाम करीब 7 बजे पुनः महाकाल मंदिर पहुंचेगी।

श्रद्धालुओं के लिए रहेगी यह दर्शन व्यवस्था

सामान्य दर्शनार्थियों को श्री महाकाल महालोक के नंदी द्वार से मानसरोवर भवन, फैसिलिटी सेंटर, महाकाल टनल और मंदिर परिसर होते हुए कार्तिकेय एवं गणेश मंडपम से दर्शन कराए जाएंगे।

250 रुपये के शीघ्र दर्शन टिकट वाले श्रद्धालुओं के लिए दो प्रवेश द्वार निर्धारित किए गए हैं। हरसिद्धि चौराहा की ओर से आने वाले श्रद्धालु बैरिकेड मार्ग से गेट नंबर-5 से प्रवेश करेंगे, जबकि महाकाल घाटी की ओर से आने वाले श्रद्धालु गेट नंबर-1 से विश्राम धाम मार्ग के जरिए मंदिर में प्रवेश करेंगे। प्रोटोकॉल के तहत आने वाले वीवीआईपी दर्शनार्थियों को नीलकंठ द्वार से प्रवेश दिया जाएगा।

जूता स्टैंड और पार्किंग की विशेष व्यवस्था

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए त्रिवेणी संग्रहालय के बाहर, श्री महाकाल महालोक, विक्रम टीला, द्वार नंबर-1, हरसिद्धि चौराहा, मानसरोवर भवन के सामने और नीलकंठ प्रवेश द्वार के अंदर जूता स्टैंड बनाए जाएंगे। वाहनों की पार्किंग के लिए श्री महाकालेश्वर अन्नक्षेत्र, मेघदूत वन पार्किंग, नीलकंठ पार्किंग, चारधाम पार्किंग, कर्कराज पार्किंग और कार्तिक मेला ग्राउंड को निर्धारित किया गया है।

कावड़ यात्रियों को मिलेगी विशेष सुविधा

श्रावण मास में भगवान महाकाल का जलाभिषेक करने आने वाले कावड़ यात्रियों को मंदिर समिति विशेष सुविधा उपलब्ध कराएगी। मंगलवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को कावड़ यात्रियों को हरसिद्धि चौराहा और द्वार नंबर-1 स्थित विशेष दर्शन मार्ग से प्रवेश मिलेगा। वहीं शनिवार, रविवार और सोमवार को अधिक भीड़ रहने के कारण कावड़ यात्रियों को सामान्य श्रद्धालुओं के साथ कतार में लगकर दर्शन करने होंगे।



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