दामाद ने भाई के साथ मिलकर कर दी सास और उसके आशिक की हत्या, पत्नी को वापस नहीं भेजने से था नाराज
पत्नी को ससुराल नहीं भेजने से नाराज दामाद अनिल ने भाई कालूराम और साथी रफीक के साथ मिलकर सास मंजूबाई और उसके प्रेमी कालूराम वर्मा की हत्या कर दी। …और पढ़ें

HighLights
- मंजूबाई का कालूराम वर्मा से अवैध संबंध था, हत्या के मामले में एक आरोपी फरार
- अनिल की पत्नी बार-बार मायके चली जाती थी और मंजूबाई उसे वापस नहीं भेजती थी
- साड़ी खरीदने के लिए रुपये देने के बहाने बुलाकर लोहे की टामी से हमला किया
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। राघवी थाना क्षेत्र के महुडीपुरा में हुए दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने राजफाश कर दिया। पत्नी को ससुराल नहीं भेजने के विवाद को लेकर दामाद ने अपने भाई व साथी के साथ मिलकर सास व उसके प्रेमी को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने हत्याकांड के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। तीसरे फरार आरोपित की तलाश की जा रही है।
राघवी थाना क्षेत्र के ग्राम महुडीपुरा रोड पर स्थित खेतों की मेड़ पर गुरुवार को एक पुरुष एवं एक महिला के शव मिले थे। मृतकों की पहचान कालूराम पुत्र पर्वतलाल वर्मा उम्र 40 वर्ष, निवासी ग्राम बैलाखेड़ा एवं मंजुबाई पत्नी सत्यनारायण शर्मा उम्र 42 वर्ष, निवासी ग्राम बैलाखेड़ा के रूप में हुई थी। पुलिस ने अज्ञात आरोपितों के खिलाफ धारा 103(1) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया था।
पुलिस को जांच में पता चला था कि मंजूबाई का अवैध संबंध कालूराम वर्मा के साथ था। मृतिका मंजूबाई की पुत्री के साथ अनिल पुत्र आनंदीलाल उम्र 24 वर्ष निवासी बरखेड़ा बुजुर्ग घट्टिया के साथ हुआ था। शादी के बाद अनिल की पत्नी बार-बार मायके चली जाती थी। अनिल द्वारा समझाइश देने के बावजूद मंजूबाई एवं उसके परिवार के लोग उसे ससुराल भेजने के लिए तैयार नहीं थे। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के मध्य लंबे समय से विवाद चला आ रहा था।
कोर्ट ने जेल भेजा
उक्त रंजिश एवं आक्रोश के चलते अनिल ने अपने भाई कालूराम उम्र 28 वर्ष एवं साथी रफीक पुत्र मुबारक उम्र 46 वर्ष निवासी नवदुर्गा कालोनी के पीछे घट्टिया के साथ मिलकर षड्यंत्रपूर्वक मंजुबाई तथा कालूराम वर्मा की हत्या कर दी थी।
पुलिस ने अनिल व उसके भाई कालूराम को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपितों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया था। जहां से उन्हें जेल भेजने के आदेश जारी हो गए। जबकि हत्याकांड में शामिल फरार आरोपित रफीक की तलाश की जा रही है।
रफीक को एक लाख रुपये देने को कहा था
हत्याकांड में गिरफ्तार दामाद अनिल ने बताया कि उसने अपने भाई कालूराम के साथ ही दोस्त रफीक को भी शामिल किया था। रफीक को अनिल ने हत्याकांड में शामिल होने के लिए एक लाख रुपये देने की बात कही थी।
रफीक गैस कंपनी का ट्रक चलाता है। आरोपियों ने मंजूबाई व कालूराम वर्मा को फोन कर साड़ी खरीदने के लिए रुपये देने के नाम पर बुलाकर लोहे की टामी से हमला कर मौत के घाट उतार दिया था।