उज्जैन में लगने जा रहे सिंहस्थ से बदलेगा मालवा का नक्शा, पांच जिलों को मिलेगा विकास का लाभ
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। सिंहस्थ-2028 केवल महाकाल की नगरी उज्जैन का धार्मिक आयोजन नहीं होगा, बल्कि यह पूरे मालवा क्षेत्र के आर्थिक, सामाजिक और भौगोलिक स्वरूप को बदलने वाला महाअभियान साबित हो सकता है। सिंहस्थ की तैयारियों के लिए उज्जैन और आसपास के जिलों में 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक की अधोसंरचना परियोजनाएं संचालित हैं, जिनका सीधा लाभ उज्जैन के साथ इंदौर, देवास, रतलाम, शाजापुर और मंदसौर को भी मिलेगा।
सरकार का फोकस इस बार केवल मेला क्षेत्र तक सीमित नहीं है। सड़क, रेल, हवाई संपर्क, जल प्रबंधन और पर्यटन सुविधाओं को क्षेत्रीय दृष्टिकोण से विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कह चुके हैं कि सिंहस्थ-2028 को दीर्घकालिक विकास के अवसर के रूप में देखा जा रहा है और इसके लिए पूरे मालवा की कनेक्टिविटी को मजबूत किया जा रहा है।
क्षेत्रीय विकास की सबसे बड़ी तस्वीर सड़क नेटवर्क में दिखाई दे रही है। करीब 2935 करोड़ रुपये की लागत से उज्जैन-इंदौर ग्रीनफील्ड मार्ग, 5017 करोड़ रुपये से उज्जैन-जावरा मार्ग, 2523 करोड़ रुपये से उज्जैन-झालावाड़ फोरलेन और 2660 करोड़ रुपये से उज्जैन-गरोठ मार्ग का निर्माण हो रहा है। इन परियोजनाओं से उज्जैन की कनेक्टिविटी इंदौर, रतलाम, मंदसौर और राजस्थान सीमा तक मजबूत होगी, जिससे मालवा का व्यापार और पर्यटन दोनों गति पकड़ेंगे। रेल संपर्क में भी बड़ा बदलाव आने वाला है।
सिंहस्थ के दौरान 236 विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी और उज्जैन, चिंतामन, पंवासा, पिंगलेश्वर, विक्रम नगर समेत सात रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। फतेहाबाद रेल ट्रैक शुरू होने के बाद रेल यातायात को नया विकल्प मिला है, जिससे इंदौर और पश्चिमी मालवा के यात्रियों को भी लाभ होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि कुंभ और सिंहस्थ जैसे आयोजन केवल धार्मिक महत्व नहीं रखते, बल्कि वे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के बड़े इंजन साबित होते हैं। सिंहस्थ-2028 भी मालवा के लिए वैसा ही अवसर बनकर उभर रहा है। यदि निर्धारित परियोजनाएं समय पर पूरी होती हैं, तो यह आयोजन केवल उज्जैन की तस्वीर नहीं बदलेगा, बल्कि पूरे मालवा के विकास का नया भूगोल रचेगा।
नया हवाई अड्डे और हेलीपैड पूरे मालवा को राष्ट्रीय पर्यटन के नए नक्शे पर स्थापित करेंगे
उज्जैन-देवास मार्ग पर प्रस्तावित नए हवाई अड्डे और सदावल में चार आधुनिक हेलीपैड पूरे मालवा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन के नए नक्शे पर स्थापित करेंगे। पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि इससे होटल उद्योग, ट्रैवल सेक्टर, परिवहन, स्थानीय व्यापार और सेवा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार के अवसर पैदा होंगे। सिंहस्थ-2028 के लिए लगभग 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन का अनुमान है। इतनी बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की जरूरतों को पूरा करने के लिए होटल, धर्मशाला, रेस्टोरेंट, परिवहन और अन्य सेवा क्षेत्रों में निजी निवेश तेजी से बढ़ रहा है। इससे उज्जैन के साथ देवास, इंदौर और रतलाम में भूमि मूल्यों और व्यावसायिक गतिविधियों में भी वृद्धि की संभावना है।