उज्जैन में महाकवि कालिदास की आराध्य सिद्धपीठ मां गढ़कालिका का मंदिर अब 18.63 करोड़ में संवरेगा
महाकवि कालिदास की आराध्य सिद्धपीठ माता गढ़कालिका मंदिर के कायाकल्प की योजना को बड़ा विस्तार दिया गया है। करीब 13.14 करोड़ रुपये का पुराना टेंडर अब निर…और पढ़ें

HighLights
- तैयारी: 2215 वर्गमीटर का क्राउड कंट्रोल हॉल, भव्य प्रवेश द्वार
- पार्किंग और लैंडस्केपिंग से बदलेगा परिसर का स्वरूप
- लोक निर्माण विभाग ने 18 करोड़ 63 लाख रुपये का रिवाइज्ड एस्टीमेट तैयार किया है
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन : महाकवि कालिदास की आराध्य सिद्धपीठ माता गढ़कालिका मंदिर के कायाकल्प की योजना को बड़ा विस्तार दिया गया है। करीब 13.14 करोड़ रुपये का पुराना टेंडर अब निरस्त कर दिया गया है। 4 जून को बिड प्रक्रिया पूरी होने के बाद श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए मध्य प्रदेश लोक निर्माण विभाग ने 18 करोड़ 63 लाख रुपये का रिवाइज्ड एस्टीमेट तैयार किया है।
यानी पुराने प्लान की तुलना में करीब 5.50 करोड़ रुपये ज्यादा खर्च होंगे। सबसे बड़ा बदलाव भीड़ प्रबंधन को लेकर किया गया है। मंदिर परिसर में 2,215 वर्गमीटर का क्राउड कंट्रोल हॉल बनाया जाएगा। इसके निर्माण पर करीब 3.58 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अभी परिसर में श्रद्धालुओं के आवागमन और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त व्यवस्थित स्थान नहीं है। सिंहस्थ में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए इस हॉल को योजना का प्रमुख हिस्सा बनाया गया है।
प्रवेश से पार्किंग तक बदलेगा पूरा परिसर
नई योजना केवल मंदिर भवन के जीर्णोद्धार तक सीमित नहीं है। 4515 वर्गमीटर में पार्किंग विकसित की जाएगी, जिस पर 1.56 करोड़ रुपये खर्च होंगे। परिसर में पेवर ब्लॉक, स्टॉर्म वाटर ड्रेन और फायर फाइटिंग सिस्टम भी होगा। मंदिर तक पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए मुख्य मार्ग पर दो बड़े प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे। इन पर 61.84 लाख रुपये खर्च होंगे। परिसर के भीतर तीन विशेष प्रवेश द्वार, कैनोपी प्रवेश द्वार, दो फव्वारे और लैंडस्केपिंग भी प्रस्तावित है। दुकानों, आधुनिक टॉयलेट ब्लॉक, प्रशासनिक भवन, यज्ञशाला प्रवेश शेड, शू-रैक और प्रसाद वितरण केंद्र जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
14.90 करोड़ की मूल लागत, जीएसटी और सुपरविजन से 18.63 करोड़
रिवाइज्ड प्राक्कलन में सिविल कार्य की लागत 13.51 करोड़ रुपये और इलेक्ट्रिकल कार्य की 1.38 करोड़ रुपये है। दोनों मिलाकर मूल निर्माण लागत करीब 14.90 करोड़ रुपये है। इसके ऊपर 6 प्रतिशत सुपरविजन चार्ज के रूप में 89.40 लाख रुपये और 18 प्रतिशत जीएसटी के रूप में करीब 2.84 करोड़ रुपये जोड़े गए हैं। इस तरह कुल स्वीकृत लागत 18.63 करोड़ रुपये पहुंचती है। निर्माण में एमपीपीडब्ल्यूडी के एसओआर-2024 मानकों का पालन किया जाएगा। मंदिर की ऐतिहासिकता और धार्मिक स्वरूप को बनाए रखते हुए आधुनिक श्रद्धालु सुविधाएं विकसित करने पर जोर है।
कालिदास की आराध्य, तंत्र साधना की सिद्धपीठ
गढ़कालिका मंदिर उज्जैन की प्राचीन सिद्धपीठों में प्रमुख माना जाता है। मान्यता है कि महाकवि कालिदास ने माता गढ़कालिका की आराधना की थी और देवी कृपा से उन्हें विद्या एवं काव्य प्रतिभा प्राप्त हुई। मंदिर तंत्र-साधना की परंपरा से भी जुड़ा है। सिंहस्थ में यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, इसलिए परिसर का विस्तार और भीड़ प्रबंधन महत्वपूर्ण है।
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