उज्जैन में आज से होगा विक्रमोत्सव का आगाज, सीएम डॉ. मोहन यादव करेंगे शुभारंभ; प्रीतम देंगे प्रस्तुति
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। महाशिवरात्रि की आध्यात्मिक आभा में आज 139 दिवसीय ‘विक्रमोत्सव-2026’ का भव्य शुभारंभ होगा। देवास रोड स्थित शासकीय पालीटेक्निक कालेज मैदान पर शाम 7.30 बजे होने वाले समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। समारोह में मुख्य आकर्षण मुंबई के प्रसिद्ध संगीतकार प्रीतम की ‘शिवोह्म’ प्रस्तुति होगी, जिसकी तैयारियों के लिए मंच को विशेष ध्वनि-प्रकाश संयोजन के साथ तैयार किया गया है। पूर्व रंग में शिवनाद (शंख एवं डमरू वादन) होगा, जिससे शिवमय वातावरण निर्मित होगा।
सुबह 11 बजे महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ परिसर में लगी महाभारत कालीन अस्त्र-शस्त्रों की प्रदर्शनी और कालिदास संस्कृत अकादमी परिसर में लगी आर्ष भारत, 84 महादेव, श्रीकृष्ण प्रभात, रागमाला, जनजातीय लोक और उज्जैन-अयोध्या का विक्रमादित्य से संबंध आधारित प्रदर्शनी का शुभारंभ होगा।
मालूम हो कि सम्राट विक्रमादित्य शोधपीठ द्वारा 12 फरवरी से 30 जून तक आयोजित इस विक्रमोत्सव का अनौपचारिक शुभारंभ 12 फरवरी को दशहरा मैदान पर लगे वन मेले के साथ कर दिया गया था।
इस बार के विक्रमोत्सव में 41 से अधिक बहुआयामी कार्यक्रम होंगे, जिनमें देश-विदेश के चार हजार से अधिक कलाकार प्रतिभा दिखाएंगे। शिवरात्रि मेले, महाकाल वन मेला, कृषि मेला, विक्रम व्यापार मेला, कलश यात्रा, नृत्य-संगीत समारोह, शिवपुराण, अनादि पर्व, ड्रोन शो, राष्ट्रीय विज्ञान समागम, वेद अंताक्षरी और प्रकाशन लोकार्पण जैसे कार्यक्रम इसकी विविधता को दर्शाएंगे।
19 मार्च, वर्ष प्रतिपदा (गुड़ी पड़वा) को रामघाट-दत्त अखाड़ा के मध्य निर्मित विशेष मंच से गायक विशाल मिश्रा अपनी प्रस्तुति देंगे। महाशिवरात्रि पर प्रदेश के 60 से अधिक प्रमुख शिव मंदिरों में सांस्कृतिक मेलों का शुभारंभ होगा।
कल से विक्रम नाट्य समारोह
16 से 25 फरवरी तक पं. सूर्यनारायण व्यास संकुल में प्रतिदिन शाम 7.30 बजे विक्रम नाट्य समारोह होगा। देश के विभिन्न राज्यों की नाट्य परंपराएं मंचित होंगी, जिनमें जटायुवधम्, चारुदत्तम, अभिज्ञान शाकुंतलम्, अंधायुग और सौगंधिकाहरणं जैसी क्लासिकल प्रस्तुतियां शामिल हैं। यह आयोजन भारतीय रंगपरंपरा के विविध आयामों को एक मंच पर प्रस्तुत करेगा।