उज्जैन में अच्छी बारिश, 36 दिन में ही 40 प्रतिशत कोटा हो गया पूरा; मानसून की विदाई में अभी ढ़ाई महीने से ज्यादा बाकी
उज्जैन में 1 जून से 6 जुलाई तक सिर्फ 36 दिनों में 360 मिलीमीटर बारिश दर्ज हो चुकी है, जो जिले की औसत वार्षिक 906 मिमी बारिश का करीब 40 प्रतिशत है।

HighLights
- पिछले साल इसी अवधि में सिर्फ 226 मिमी बारिश हुई थी
- शिप्रा नदी बीते एक महीने में दो बार उफान पर आ चुकी है
- जुलाई-अगस्त में भी मध्यम से भारी बारिश की संभावना है
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। इस साल मानसून ने उज्जैन पर उम्मीद से कहीं अधिक मेहरबानी दिखाई है। मानसून सीजन के शुरूआती 36 दिनों में ही शहर में 360 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हो चुकी है, जो औसत वार्षिक वर्षा 906 मिलीमीटर का लगभग 40 प्रतिशत है। पिछले वर्ष इसी अवधि में केवल 226 मिलीमीटर वर्षा हुई थी। शुरुआती दौर में इतनी अधिक वर्षा ने इस साल के मानसून को खास बना दिया है। साथ ही आगामी दिनों को आपदा प्रबंधन के लिए चुनौतीपूर्ण बना दिया है।
मौसम विभाग के अनुसार वर्षाकाल की अवधि 1 जून से 30 सितंबर तक कुल 122 दिनों की मानी जाती है। 6 जुलाई तक केवल 36 दिन बीते हैं, जबकि मानसून समाप्त होने में अभी 86 दिन शेष हैं। यानी आधे से भी कम समय में जिले ने अपने सामान्य वर्षा के कोटे का बड़ा हिस्सा पूरा कर लिया है। इस वर्ष बरसात का असर नदियों पर भी स्पष्ट दिखाई दे रहा है।
बीते एक महीने में शिप्रा नदी दो बार उफान पर आ चुकी है, जिससे घाटों और निचले क्षेत्रों में जलस्तर तेजी से बढ़ा। पिछले कई वर्षों में ऐसा कम ही देखने को मिला है कि जुलाई के पहले सप्ताह तक ही शिप्रा दो बार उफन जाए। लगातार हो रही बरसात से किसानों के चेहरे खिले हैं, लेकिन प्रशासन की चिंता भी बढ़ गई है, क्योंकि आगामी दिनों में और तेज बरसात की संभावना बनी हुई है।
शुरुआत मजबूत
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार इस वर्ष मध्यप्रदेश में मानसून की शुरुआत मजबूत रही है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार नमी मिलने, मानसूनी ट्रफ के प्रदेश के ऊपर सक्रिय रहने और बार-बार कम दबाव के क्षेत्र बनने से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में भी मध्य प्रदेश में मानसून सक्रिय रहेगा और कई जिलों में मध्यम से भारी तथा कहीं-कहीं अति भारी वर्षा हो सकती है।
जुलाई और अगस्त में मानसून की गतिविधियां और तेज रहने की संभावना है। यदि यही स्थिति बनी रही तो उज्जैन में इस वर्ष सामान्य वर्षा का आंकड़ा समय से पहले पूरा हो सकता है और जिले में सामान्य से अधिक बरसात भी दर्ज की जा सकती है। फिलहाल, मानसून के शुरुआती 36 दिनों के आंकड़े साफ संकेत दे रहे हैं कि वर्ष 2026 का मानसून उज्जैन के लिए तेज, सक्रिय और सामान्य से अधिक बरसात वाला साबित हो सकता है।
हालांकि, लगातार बरसात के कारण जलभराव, नदी-नालों के उफान और शहरी क्षेत्रों में जल निकासी की चुनौती भी बढ़ने की आशंका है। ऐसे में प्रशासन और नागरिकों, दोनों को आगामी 86 दिनों के मानसून के लिए सतर्क रहने की जरूरत होगी।
फैक्ट फाइल
- औसत वार्षिक बारिश : 906 मिमी
- 6 जुलाई 2026 तक बारिश : 360 मिमी
- पिछले वर्ष इसी अवधि में बारिश : 226 मिमी
- सामान्य बारिश का पूरा हिस्सा : करीब 40 प्रतिशत
- बारिश के मौसम के शेष दिन : 86 दिन
- इस साल शिप्रा नदी : दो बार उफान पर