उज्जैन के गढ़कालिका माता मंदिर में विवाद के बाद पुजारी सुरक्षा एक्ट बनाने की मांग
उज्जैन के सिद्धपीठ गढ़कालिका माता मंदिर में किन्नर अखाड़े की साध्वी कालीनंद गिरि द्वारा आत्मदाह के प्रयास के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। …और पढ़ें

HighLights
- किन्नर अखाड़े की साध्वी कालीनंद गिरि ने मंदिर में आत्मदाह का प्रयास किया
- पुजारी महासंघ ने घटना की निंदा कर मुख्यमंत्री से पुजारी सुरक्षा एक्ट बनाने की मांग की
- मंदिर में वर्तमान में दो महिला पुजारी टीनानाथ व करिश्मानाथ पूजा अर्चना कर रही हैं
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। सिद्धपीठ गढ़कालिका माता मंदिर एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार चर्चा पुजारियों के विवाद की नहीं, बल्कि किन्नर अखाड़े की साध्वी कालीनंद गिरि की नाराजगी को लेकर है। दो दिन पहले उन्होंने मंदिर में आत्मदाह का प्रयास किया था। मामला पुलिस तक पहुंचा और बाद में पुजारी व साध्वी की आपसी सहमति से शांत भी हो गया।
हालांकि अब पुजारी महासंघ ने घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए मुख्यमंत्री से पुजारी सुरक्षा एक्ट बनाने की मांग की है। बता दें गढ़कालिका माता मंदिर में लंबे समय से पुजारी पद को लेकर विवाद न्यायालय में विचाराधीन है। वर्तमान में दो महिला पुजारी टीनानाथ व करिश्मानाथ बारी-बारी से पूजा अर्चना कर रही हैं।
मंदिर प्रशासन न्यायालय की गाइड लाइन के अनुसार परंपरागत पूजा अर्चना संपन्न करा रहा है। समय-समय पर छोटे मोटे विवाद सामने आते रहते हैं। लेकिन दो दिन पहले किन्नर अखाड़े की साध्वी कालीनंद गिरि दर्शन करने मंदिर पहुंची थीं, इस दौरान उनका विवाद हो गया।
श्रद्धालु सहम गए थे
बताया जाता है क्रोधित साध्वी ने खुद पर पेट्रोल छिड़क कर आत्मदाह करने का प्रयास किया था। इस घटना से श्रद्धालु सहम गए और भाग खड़े हुए। मंदिर प्रशासन की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तथा साध्वी को थाने ले गई। यहां पुजारी व साध्वी के बीच समझौता हो गया।
अब अखिल भारतीय पुजारी महासंघ ने घटना को गंभीरता से लिए है। महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. महेश पुजारी ने कहा कि साधु संत मंदिरों में पुजारियों पर दमनकारी नीति अपनाते हुए आरोप प्रत्यारोप लगाकर विवाद करते हैं।
छह माह पूर्व महाकाल मंदिर में भी एक साधु द्वारा पुजारी से अभद्रता व विवाद का मामला सामने आया था। मंदिरों में होने वाली इस प्रकार की घटना को रोकने के लिए पुजारी एक्ट बनाया जाना चाहिए। महासंघ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मांग करता है कि पुजारियों की सुरक्षा के लिए जल्द से जल्द कानून बनाया जाए।
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