भगवान महाकाल की राजसी सवारी आज, भक्तों को राजाधिराज के एक साथ छह रूपों के दर्शन होंगे
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन : ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर से सोमवार शााम 4 बजे श्रावण-भाद्रपद मास की राजसी सवारी निकलेगी। भक्तों को भगवान महाकाल के एक साथ छह रूपों के दर्शन होंगे।
अवंतिकानाथ चांदी की पालकी में चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर मनमहेश, गरुड़ पर शिवतांडव, नंदी पर उमा महेश तथा डोलरथ पर होलकर व सप्तधान रूप में सवार होकर भक्तों को दर्शन देने निकलेंगे। राजसी सवारी सिंहस्थ के लिए बनाए जा रहे नए नए भव्य मार्ग से निकलेगी। सवारी में पहली बार दो पुलिस बैंड शामिल रहेंगे। ईशा फाउंडेशन का कैलाश वाद्यम बैंड प्रस्तुति देगा। ड्रोन से पुष्प वर्षा होगी।
2000 से ज्यादा जवानों का सुरक्षा घेरा, ऊंचे भवनों से निगरानी
भगवान श्री महाकालेश्वर की सोमवार को निकलने वाली राजसी सवारी को लेकर पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। सवारी मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में 2000 से ज्यादा पुलिस अधिकारी-कर्मचारी तैनात रहेंगे। भीड़ में चोरी और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी सादी वर्दी में तैनात किए जाएंगे। वहीं 100 से अधिक ऊंचे भवनों से पुलिसकर्मी सवारी मार्ग पर निगरानी रखेंगे। आसमान से 10 ड्रोन और जमीन पर लगे सीसीटीवी कैमरों से भी लगातार नजर रखी जाएगी।
एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए इंदौर, देवास, शाजापुर, रतलाम, मंदसौर, नीमच, दतिया और शिवपुरी से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है। ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को सवारी मार्ग, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी दी जा रही है। होटल, लाज और धर्मशालाओं की भी लगातार चेकिंग की जा रही है।
मोबाइल-पर्स के साथ चेन स्नेचरों पर नजर
राजसी सवारी में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए मोबाइल, पर्स, मंगलसूत्र और चेन चोरी रोकने के लिए पुलिस ने विशेष टीम बनाई है। सादी वर्दी में तैनात 100 से ज्यादा जवान भीड़ के बीच संदिग्धों पर नजर रखेंगे। संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। करीब 100 महिला पुलिसकर्मियों की भी ड्यूटी लगाई गई है।
सुबह छह बजे से 16 मार्गों पर प्रतिबंध
राजसी सवारी के दौरान यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए सोमवार सुबह छह बजे से सवारी समाप्त होने तक पुराने शहर के 16 प्रमुख मार्गों पर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। बाहर से आने वाले वाहनों के लिए छह पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। आपात स्थिति में भीड़ और यातायात को बाहर निकालने के लिए आठ वैकल्पिक निकासी मार्ग निर्धारित किए गए हैं।
इन 16 मार्गों पर रहेगा प्रतिबंध
- हरिफाटक टी से बेगमबाग की ओर
- दानीगेट से रामानुज कोट की ओर
- गुदरी चौराहा से कहारवाड़ी की ओर
- तेलीवाड़ा से कमरी मार्ग
- निकास चौराहा से तेलीवाड़ा
- क्षीर सागर से कंठाल चौराहा
- बियाबानी से तेलीवाड़ा
- नरेंद्र टाकीज से कंठाल
- नरसिंह घाट टर्निंग से जयसिंहपुरा चौराहा
- भार्गव तिराहा से टंकी चौक
- कंठाल चौराहा से कमरी मार्ग
- चक्रतीर्थ टर्निंग से दानीगेट
- तोपखाना से लोहे के पुल की ओर
- नलिया बाखल से कमरी मार्ग
- बाहर खोली से रामघाट
- बांसफोड़ गली से गुदरी चौराहा
छह स्थानों पर पार्किंग
भोपाल, इंदौर और देवास की ओर से आने वाले वाहन वाकणकर पार्किंग, मन्नत गार्डन पार्किंग और कर्कराज पार्किंग में खड़े किए जा सकेंगे। बड़नगर और नागदा की ओर से आने वाले वाहनों के लिए कार्तिक मेला ग्राउंड में पार्किंग रहेगी। मक्सी और आगर की ओर से आने वाले श्रद्धालु क्षीर सागर स्टेडियम और सामाजिक न्याय परिसर में वाहन पार्क कर सकेंगे।
आपात स्थिति में आठ रास्तों से निकासी
पुलिस ने आकस्मिक स्थिति में यातायात और श्रद्धालुओं की निकासी के लिए आठ वैकल्पिक मार्ग तय किए हैं। इनमें महाकाल घाटी से हरिफाटक टी, लोहे के पुल से दौलतगंज-देवासगेट, कमरी मार्ग से कंठाल, मुसद्दीपुरा चौराहा से डाबरी पीठा होकर नईसड़क तथा भगतजी चौराहा से छोटा सराफा-नमकमंडी होकर नईसड़क मार्ग शामिल हैं। इसके अलावा छत्री चौक से लखेरवाड़ी होकर नमकमंडी-नईसड़क, हरसिद्धि पाल से हरसिद्धि तथा गुदरी चौराहा से कसाईबाड़ा होकर बांसफोड़ गली की ओर भी निकासी मार्ग रहेगा।
सवारी में यह खास
- 7 किलोमीटर लंबा सवारी मार्ग
- 6 रूपों में दर्शन देंगे महाकाल
- 5 लाख से अधिक भक्त उमड़ेंगे
- 4 हजार से अधिक पुलिस जवान संभालेंगे व्यवस्था
- 70 से अधिक भजन मंडल शामिल होंगे
- 10 ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से रखेंगे नजर
- चोरों को पकड़ने सादी वर्दी में 100 से ज्यादा जवान तैनात
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